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कार्यालय मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब द्वारा आज यहां इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट के सहयोग से वोटों की गिनती संबंधी प्रणाली की मजबूती (रोबस्टनेस ऑफ वोट काउंटिंग प्रोसेस) संबंधी कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में पंजाब के अलावा चंडीगढ़ और हरियाणा के चुनाव अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने कहा कि भारतीय चुनाव आयोग द्वारा पंजाब राज्य के कार्यालय मुख्य चुनाव अधिकारी को वोटों की गिनती संबंधी प्रणाली की मजबूती के बारे में अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसे हमने सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने बताया कि इस अध्ययन के दौरान हमने दुनिया के 48 लोकतांत्रिक देशों की वोटों की गिनती संबंधी प्रणालियों का अध्ययन किया और पाया कि भारत में वोटों की गिनती संबंधी लागू प्रणाली बहुत बेहतर ढंग से कार्य कर रही है। इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए अध्ययन टीम के सदस्य डॉ. अभिनंदन बस्सी ने बताया कि वोटों की गिनती से पहले और बाद में उत्पन्न होने वाले मुद्दों को आधार बनाकर यह अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में चुनावों संबंधी लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह देखा गया कि वोटों की गिनती की प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गिनती से पहले ईवीएम की सीलिंग, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज से लेकर परिणामों की घोषणा तक की सभी प्रक्रियाओं को जितना बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा, चुनाव प्रक्रिया उतनी ही बेहतर ढंग से संपन्न होगी। इस अवसर पर उन्होंने ईवीएम, बैलेट पेपर और हाइब्रिड विधि के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया अपनाने वाले देशों की अध्ययन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की और बताया कि किस प्रकार ईवीएम के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया को सबसे बेहतर तरीके से संपन्न किया जा सकता है। इस मौके पर अभिजीत कपलिश, आईएएस ने वोटों की गिनती संबंधी दक्षिण अफ्रीका और भारत की प्रक्रिया का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारतीय जन प्रतिनिधित्व अधिनियम हमें अपने प्रतिनिधि चुनने का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया में चुनाव प्रक्रिया के दौरान तकनीक के उपयोग में अग्रणी देश है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही भारत में चुनाव प्रक्रिया को अत्यधिक पारदर्शिता और तेजी के साथ संपन्न किया जाता है। जॉइंट सीईओ नवनीत कौर बल्ल ने इस मौके पर बोलते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया की अखंडता और चुनाव परिणामों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हमें और अधिक मेहनत से कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हम भारतीय चुनाव प्रक्रिया में लोगों की आस्था को और अधिक मजबूत कर सकें।