चंडीगढ़ 13 Jan : स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम चंडीगढ़ ने एक जागरूकता व शैक्षणिक कार्यक्रम के तहत सेक्टर-26 स्थित एसजीजीएस (खालसा कॉलेज) के 100 से अधिक छात्रों को पिंक मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) का शैक्षणिक भ्रमण करवाया।इस दौरान छात्रों को शहर की ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली की व्यावहारिक जानकारी दी गई। अधिकारियों और तकनीकी स्टाफ ने छात्रों को स्रोत पर कचरे के पृथक्करण, सूखे कचरे की रीसाइक्लिंग और पिंक एमआरएफ की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। छात्रों को समझाया गया कि किस तरह कचरे की छंटाई की जाती है, रीसाइक्लेबल सामग्री को अलग किया जाता है और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।
कचरा निपटान की वैज्ञानिक प्रक्रिया से रूबरू हुए छात्र
पिंक एमआरएफ के भ्रमण के बाद छात्रों को ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट) ले जाया गया, जहां उन्हें नगर निगम द्वारा अपनाई जा रही वैज्ञानिक कचरा प्रसंस्करण, उपचार और पर्यावरण के अनुकूल निपटान की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। संवादात्मक सत्र के दौरान छात्रों ने आधुनिक कचरा प्रबंधन तकनीकों और शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ उपायों के महत्व को समझा।
युवाओं में पर्यावरण चेतना पर जोर
इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य छात्रों में स्वच्छता, कचरा कम करने, रीसाइक्लिंग और जिम्मेदार पर्यावरणीय व्यवहार को लेकर जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही युवाओं को स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों से जोड़कर एक स्वच्छ और हरित चंडीगढ़ के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना भी इसका लक्ष्य रहा।नगर निगम चंडीगढ़ के अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके और शहर के सतत विकास में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित हो।