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Ludhiana: सेहत विभाग की डेंगू से कागजी लड़ाई“ हर शुक्रवार डेंगू ते वार" बाकी दिन आराम ! - Uturn Time
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लुधियाना में डेंगू मुहिम पर चर्चा तेज
लूधिआना (अशोक सहगल) : स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे “हर शुक्रवार डेंगू ते वार” अभियान व्यावहारिक तौर पर काम कार्यों में अधिक दिखाई देता है इस अभियान के अंतर्गत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण और स्रोत नाशक गतिविधियां चलाने का दावा किया गया डेंगू के कितने मामले आए सामने रिपोर्ट की गायब जिले में डेंगू की अब तक कितने मरीज सामने आए हैं मरीजों की अस्पतालों की रिपोर्ट में क्या बताया गया क्या मरीज पॉजिटिव था अथवा नेगेटिव यह कभी नहीं बताया जाता बस क्रॉस चेकिंग के नाम पर अधिकतर मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेगेटिव बताया जाता है और शेष को संदिग्ध परंतु स्वास्थ्य विभाग के पास अब तक कितने पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं और कितने संदिग्ध है यह भी सार्वजनिक नहीं किया जाता। परंतु हर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग अपनी वाह वाह करते हुए एक प्रेस नोट जारी कर देता है। मास मीडिया विभाग वालों का भी यही कहना है कि उनके पास जो जानकारी आई उसी के हिसाब से उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति बना दी जिससे यह आशंका और बढ़ जाती है कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू की सही स्थिति को सामने नहीं लाना चाहता क्योंकि इससे उनकी कारगुजारी में फर्क पड़ता है। अगर अस्पताल देते हैं गलत रिपोर्ट तो कार्रवाई क्यों नहीं लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल डेंगू के बारे में गलत रिपोर्ट देते हैं तो स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी क्यों नहीं करता की वैक्यूम आम जनता को लूट रहे हैं जबकि मरीज क्रास चेकिंग में नेगेटिव आया है। क्या आज तक एक भी अस्पताल को नोटिस जारी किया लोग इसका सीधा-सीधा अंदाजा यह लगते हैं की या तो स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों को छूट दे रहा है या फिर अपनी परफॉर्मेंस बेहतर दिखने के लिए मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार कर रहा है जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों का खाने हैं कि वह एलाईजा विधि से जांच करते हैं क्योंकि सरकार द्वारा एलाईजा विधि से ही डेंगू की जांच करने को कहा जाता है परंतु चिकित्सा विशेष उद्योग का कहना है कि एलिसा जांच में कई बार डेंगू पॉजिटिव होने का सप्ताह बाद दोबारा सैंपल लेने पर पता चलता है ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने कितने मरीजो के दोबारा सैंपल लिए यह कभी नहीं बताया गया। मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की कमी पर टीमे बनाई 303 स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग में कर्मचारियों की कमी बताई जाती है परंतु जिले में डेंगू संबंधित सर्व करने के समय टीमों की संख्या 303 बताई जा रही है प्रेस विज्ञप्ति में यह दावा किया गया कि अभियान के दौरान जिले के 312 क्षेत्रों में 303 स्वास्थ्य टीमें तैनात की गईं। टीमों द्वारा 8,812 घरों का सर्वेक्षण किया गया तथा 19,993 पानी वाले कंटेनरों की जांच की गई। इनमें कूलर, फूलों के गमले, पुराने टायर, छतों पर रखी टंकियां तथा अन्य जल एकत्रित होने वाले स्थान शामिल थे। टीमों ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर लोगों को तत्काल रोकथाम उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। समय से पहले आया डेंगू स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अधूरी इस वर्ष डेंगू सीजन से पहले ही सामने आया है परंतु स्वास्थ्य विभाग में डेंगू कंट्रोल करने के लिए कोई तैयारी पहले से नहीं कर रखी थी इसलिए अभी तक ना तो यह बताया गया की दवाइयां का कितना स्टॉक है स्प्रे करने वाली दवा कितनी है और कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा है गौरतलब है कि सरकार के निर्देशों अनुसार जिस इलाके में डेंगू के मरीज सामने आए उसे इलाके के 20 घरों के आसपास फोकल सप्रे करना आवश्यक होता है परंतु जब यह कहा जा रहा है कि डेंगू के मरीज आए ही नहीं जो आए वह संदिग्ध है, पॉजिटिव नहीं तो ऐसे में फोकल स्प्रे भी नहीं किया जाएगा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में बीमारी महामारी बनेगी।