पानीपत में PPP कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला का बयान—सरल सेवाएं हर नागरिक तक
पानीपत (निर्मल सिंह): मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार प्रदेशभर में नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित समाधान शिविरों में अधिकारियों द्वारा लगातार जनसमस्याएं सुनी जा रही हैं। इसी कड़ी में पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. खोला ने जिला सचिवालय में सोमवार को आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर लोगों की शिकायते सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर डॉ.सतीश खोला ने कहा कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से संबंधित किसी भी नागरिक की समस्या सात दिन से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आमजन को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की मंशा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध हों।
डॉ. खोला ने कहा कि हरियाणा प्रदेश डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में पूरे देश में नंबर एक स्थान पर है। उन्होंने बताया कि फैमिली आईडी आधारित लगभग 425 सरकारी योजनाओं को प्रदेश सरकार द्वारा एकीकृत किया गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र व्यवस्था के माध्यम से लोगों को बार-बार दस्तावेज जमा करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और विभिन्न सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। इन शिविरों में पीपीपी, राशन कार्ड, पेंशन, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य सरकारी सेवाओं से संबंधित शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन के साथ संवेदनशीलता एवं सकारात्मक व्यवहार अपनाते हुए उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने समाधान शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया। नागरिकों ने प्रदेश सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है।