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"होशियारपुर में वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 20 बेंचों में हुई सुनवाई"
होशियारपुर (दलजीत अज्नोहा): जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी होशियारपुर की ओर से पंजाब स्टेट कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, एस.ए.एस. नगर के दिशा-निर्देशों के अनुसार शनिवार को जिले में वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में एन.आई. एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत मामले (लंबित एवं प्री-लिटिगेशन बैंक रिकवरी केस तथा लेबर विवाद मामले), मोटर एक्सीडेंट क्लेम केस, बिजली एवं पानी के बिलों से संबंधित मामले (गैर-कंपाउंडेबल मामलों को छोड़कर), वैवाहिक विवाद, ट्रैफिक चालान, राजस्व मामले तथा अन्य सिविल एवं कम गंभीर आपराधिक मामले और घरेलू विवादों से संबंधित केस रखे गए। यह लोक अदालत जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी रजिंदर अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में आयोजित की गई। इस लोक अदालत में होशियारपुर में कुल 20 बेंच गठित किए गए, जिनमें होशियारपुर न्यायिक अदालतों के 9 बेंच, उपमंडल दसूहा में 2 बेंच, मुकेरियां में 2 बेंच, गढ़शंकर में 2 बेंच तथा राजस्व अदालतों के 5 बेंच शामिल थे। जिला होशियारपुर की लोक अदालत में 30912 मामलों की सुनवाई हुई तथा 27405 केसों का मौके पर ही निपटारा किया गया व पक्षों से कुल 78356946 रुपए के अवार्ड पास किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी होशियारपुर के कर्मचारियों और पैरा लीगल वालंटियरों द्वारा ट्रैफिक चालान भरने आए लोगों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क लगाए गए, ताकि अदालतों में लंबित ट्रैफिक चालानों का आसानी से भुगतान किया जा सके। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजिंदर अग्रवाल के साथ सचिव, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी नीरज गोयल ने लोक अदालत बेंचों का दौरा भी किया। लोक अदालत को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने में बार एसोसिएशन होशियारपुर ने पूरा सहयोग दिया। जानकारी देते हुए सीजेएम- कम- सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी नीरज गोयल ने बताया कि लोक अदालत में एक सिविल अपील “परवीन कुमार बनाम मनिंदर सिंह” का भी निपटारा किया गया। यह मामला वर्ष 2016 में शुरू हुआ था, जिसमें मनिंदर सिंह ने विवादित संपत्ति पर कब्जे का दावा करते हुए स्थायी निषेधाज्ञा के लिए मुकदमा दायर किया था। बाद में 04.10.2022 के फैसले के खिलाफ अपील दायर की गई। अंततः 04.04.2026 को हुई प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया, जिसके अनुसार अपीलकर्ता परवीन कुमार को गांव बनकरनपुर, तहसील मुकेरियां स्थित संपत्ति का मालिक घोषित किया गया तथा प्रतिवादी मनिंदर सिंह एवं उसकी माता का उस संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं माना गया। साथ ही अपीलकर्ता को राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन करवाने का अधिकार भी दिया गया। इस मामले का अंतिम निपटारा आज राष्ट्रीय लोक अदालत के बेंच नंबर-2 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, होशियारपुर प्रभजोत सिंह कलेका ने किया। इसके अतिरिक्त “अशोक कुमार बनाम मनमोहन सिंह” केस में एक अन्य किराया अपील मामले का भी निपटारा किया गया। यह मामला वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जब मकान मालिक मनमोहन सिंह ने किरायेदार अशोक कुमार के खिलाफ निजी जरूरत और किराया न देने के आधार पर बेदखली याचिका दायर की थी। रेंट कंट्रोलर द्वारा 31.05.2024 को पारित आदेश के खिलाफ यह अपील दायर की गई थी। अंततः ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश रजिंदर अग्रवाल के प्रयासों से प्री-लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया और आज लोक अदालत के बेंच नंबर-2 की ओर से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभजोत सिंह ने उक्त समझौते के आधार पर मामले का अंतिम निपटारा कर दिया। सचिव ज़िला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी ने लोगों से अपील की कि वे लोक अदालतों में अपने मामले लगाकर अधिक से अधिक लाभ उठाएं, क्योंकि इससे समय और धन दोनों की बचत होती है। लोक अदालत में दिए गए फैसले अंतिम होते हैं तथा इनके खिलाफ कोई अपील नहीं की जा सकती। इससे दोनों पक्षों के बीच सौहार्द और आपसी प्रेम भी बढ़ता है।