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"ऑपरेशन थाना के तहत बड़ी कार्रवाई, हथियारों समेत 5 आरोपी पकड़े"
चंडीगढ़ (अजीत झा): शहर में संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने गैंगस्टरों के एक सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 5 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजू कांचा, अनस रईन, बलवंत, रंजीत और सुभाष के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी लूट, डकैती, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में पहले से शामिल रहे हैं और लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे। हथियारों का जखीरा बरामद: कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 सेमी-ऑटोमैटिक हथियार, एक देसी कट्टा, 9 जिंदा कारतूस और एक फोर्ड फिगो कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों का इस्तेमाल बड़ी आपराधिक वारदातों में किया जाना था। इंटरनेशनल लिंक भी आया सामने: जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी अनस रईन का संपर्क पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर सहजाद भट्टी से था। वह सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर ट्राईसिटी क्षेत्र में हथियारों की सप्लाई करता था। वहीं बलवंत इस नेटवर्क का अहम कड़ी था, जो हथियारों की डिलीवरी और वितरण का काम संभालता था। छापेमारी और तकनीकी जांच से मिली सफलता: इंस्पेक्टर सतविंदर के नेतृत्व में ऑपरेशन सेल की टीम ने लगातार छापेमारी, निगरानी और तकनीकी विश्लेषण के जरिए इस नेटवर्क का खुलासा किया। यह पूरी कार्रवाई डीआईजी यूटी चंडीगढ़ राजीव रंजन सिंह, एसपी ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशों और डीएसपी ऑपरेशंस विकास श्योकंद के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। पुलिस के अनुसार 18 अप्रैल को सेक्टर-38 क्षेत्र में गश्त के दौरान संजू कांचा को एक पिस्तौल और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसके जरिए पूरे नेटवर्क की कड़ियां सामने आईं। इसके बाद 1 मई को सेक्टर-45 के पास पीछा कर बलवंत को पकड़ा गया। बाद में रंजीत और सुभाष को भी गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि सुभाष एक शूटर का सहयोगी (फुट सोल्जर) है, जबकि रंजीत हत्या के प्रयास के मामले में वांछित था। कई पुराने मामलों में शामिल रहे आरोपी: गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित साजिशों की जांच में जुटी है। जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती: चंडीगढ़ ऑपरेशन थाना पुलिस ने साफ किया है कि अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से ट्राईसिटी में बड़े आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और संभावित वारदातों को समय रहते टाल दिया गया है।