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हरियाणा सरकार की मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी पहल: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा - Uturn Time
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- शहद भी आया भावांतर भरपाई योजना के तहत चंडीगढ़ , 8 जनवरी - हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय राज्य सरकार की किसान हितैषी सोच और कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय करना मधुमक्खी पालकों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि उक्त योजना के तहत पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल (madhukranti.in) तथा भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) hortharyana.gov.in के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण की अवधि 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते के विवरण के आधार पर सत्यापन कराना होगा। यह प्रक्रिया अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक मधुमक्खी पालकों तक पहुंच सके। श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह पहल सरकार के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे ग्रामीण युवाओं व किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि मंत्री ने राज्य के सभी मधुमक्खी पालकों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराएं और योजना का पूरा लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क किया जा सकता है। इस पहल के साथ हरियाणा सरकार ने एक बार फिर किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दोहराया है।