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शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 1.75 करोड़ के साइबर फ्रॉड में 2 आरोपी और गिरफ्तार, अब तक कुल 17 आरोपी गिरफ्तार - Uturn Time
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साइबर अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही पंचकूला पुलिस को एक बड़े साइबर फ्रॉड मामले में अहम सफलता हाथ लगी है। शेयर मार्केट में निवेश पर दोगुना मुनाफा देने का लालच देकर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पंचकूला की टीम ने 22 अप्रैल को 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करुनाल योगेश सांगवी निवासी जिला चैन्नई तमिलनाडू व निशान्त राजपुत वासी अहमदाबाद गुजरात के रुप में हुई है। आरोपी करुनाल योगेश सांगवी को माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है वहीं आरोपी निशान्त राजपुत को आज न्यायिक हिरासत भेज दिया है। यह मामला जुलाई 2024 में दर्ज किया गया था। पंचकूला वासी शिकायतकर्ता ने 31 जुलाई 2024 को साइबर थाना पंचकूला में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई 2024 को उसे फेसबुक पर शेयर मार्केट से जुड़ा एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन को लाइक करने के बाद शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के माध्यम से एक लिंक भेजा गया, जिसके जरिए उसे शेयर बाजार में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। ठगों ने सुनियोजित तरीके से भरोसा जीतकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग चरणों में बड़ी रकम निवेश करवाई और कुल 1 करोड़ 75 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पंचकूला में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340 व 61 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले की जांच साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में सब-इंस्पेक्टर भूप सिंह द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया कि गिरफ्तार दोनों बैंक कर्मचारी साइबर ठगों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाने, उनके दस्तावेज एकत्र करने तथा ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराने में अहम भूमिका निभाते थे। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह: इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क में अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में 16 दिसंबर 2024 को दो आरोपी कृष्ण कुमार और सुभाष को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 11 जुलाई 2025 को संजय कुमार उर्फ बॉक्सर, 27 जुलाई को तेजेन्द्र पाल सिंह, 3 अक्टूबर को हरजीत सिंह, फिर परविंद्र, 13 अक्टूबर को हैरी, 3 नवंबर को चेतन, इसके बाद अरविंद भानुशाली, 17 नवंबर को किशन और 22 नवंबर को नवीन भाई को गिरफ्तार किया गया। 3 अप्रैल 2026 को आरोपी रौनक ठक्कर निवासी गुजरात को पकड़ा गया था। 7 अप्रैल को पुलिस ने कृष्ण प्रताप और बादल गुरनाम सिंह निवासी अहमदाबाद, गुजरात को गिरफ्तार किया था। 14 अप्रैल को पुलिस ने 15वें आरोपी मयूर वासी अहमदाबाद, गुजरात को गिरफ्तार किया था। अब इस कड़ी में 2 और आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच को और मजबूती मिली हो। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर निवेश, शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टो, आईपीओ या मोटे मुनाफे के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक, ग्रुप या ऑफर पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी अनजान ऐप, वेबसाइट या लिंक पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पिन या निजी दस्तावेज साझा न करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट करे, ताकि समय रहते रकम को ट्रैक कर फ्रीज कराया जा सके।