चंडीगढ़। चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
यह गिरफ्तारी एसपी साइबर यूटी चंडीगढ़ गीतांजलि खंडेलवाल के निर्देशों, डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी के मार्गदर्शन तथा सेक्टर-17 स्थित साइबर थाना प्रभारी की निगरानी में की गई। मामले में एफआईआर नंबर 39, दिनांक 07 मार्च 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
आरोपियों की पहचान :
1. रमेश अजय भाई अबचुंग निवासी सपना नगर नंबर-4, गांधीधाम, कच्छ, गुजरात (39 वर्ष)
2. योगेश देवजी महेश्वरी निवासी सेक्टर-7, गांधीधाम, कच्छ, गुजरात (38 वर्ष)
3. हितेश नारन बोरिचा निवासी बोरिचावास, मित्थी रोड, गांधीधाम, कच्छ, गुजरात (40 वर्ष)
पुलिस के अनुसार यह मामला एक बुजुर्ग शिकायतकर्ता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। दिसंबर 2025 में पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर विभिन्न बैंक खातों में करीब 46 लाख रुपये जमा करवाए गए थे।
जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और फील्ड इनपुट के आधार पर आरोपी रमेश को गिरफ्तार किया गया। उसके बैंक खाते में ठगी की रकम में से 15 लाख रुपये जमा हुए थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग स्थानों से निकालकर अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि रमेश ने अपना बैंक खाता अन्य आरोपियों योगेश और हितेश के जरिए अहमदाबाद निवासी रफीक भाई को कमीशन पर उपलब्ध करवाया था।
तीनों आरोपियों को गुजरात के गांधीधाम से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ लाया गया। अदालत से दो दिन का पुलिस रिमांड लेने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते उपलब्ध करवाते थे। इनके जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जाता था।
जनता के लिए साइबर पुलिस की एडवाइजरी
• किसी भी तरह की वेरिफिकेशन, गिरफ्तारी से बचने या फर्जी केस निपटाने के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें।
• अपने पहचान पत्र केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही दें।
• किसी को अपना सिम कार्ड या बैंक खाता किराए पर न दें।
• अपने नाम पर जारी सिम कार्ड की जानकारी TAFCOP पोर्टल पर जांचें।
• व्हाट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स बदलकर अनजान कॉल्स ब्लॉक करें।
• आधार बायोमेट्रिक लॉक रखें।
• संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।