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गुरमीत सिंह खुड्डियां द्वारा बेअदबी के खिलाफ लाए गए बिल का जोरदार समर्थन - Uturn Time
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कृषि मंत्री द्वारा 1986 की जस्टिस गुरनाम सिंह रिपोर्ट को नजरअंदाज करने और बेअदबी की घटनाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को पदों से नवाजने के लिए पिछली “पंथक” सरकारों की कड़ी निंदा

• सोशल मीडिया पर बढ़ रही ऑनलाइन बेअदबी की घटनाओं और गुरबाणी को तोड़-मरोड़ कर पेश करने संबंधी गहरी चिंता व्यक्त की
चंडीगढ़, 13 अप्रैल: पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज पंजाब विधानसभा में पेश किए गए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026 का जोरदार समर्थन किया, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी या बेअदबी के प्रयास के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान है। स. खुड्डियां ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ज्ञान की शाश्वत ज्योति बताते हुए उनके प्रति सिख समुदाय के गहरे सम्मान को उजागर किया। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्र मर्यादा और सम्मान के बावजूद बार-बार हो रही बेअदबी की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया। बेअदबी के अनसुलझे मामलों पर अफसोस जताते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने 1986 की घटनाओं को याद किया, जब तथाकथित पंथक सरकार सत्ता में थी। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि इस संबंध में जस्टिस गुरनाम सिंह रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया गया और उसे कहीं दबा दिया गया। पिछली सरकारों की तीखी आलोचना करते हुए स. खुड्डियां ने आरोप लगाया कि बेअदबी के मामलों में शामिल या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को बाद में तथाकथित पंथक सरकार द्वारा बड़े पद देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि 1986 की घटना के लिए जिम्मेदार एक आईएएस और एक आईपीएस अधिकारी को उच्च पद दिए गए और अकाली दल की सरकार के दौरान ऐसे लोगों को हमेशा बचाया गया। इसके बाद कृषि मंत्री ने 2015 में बरगाड़ी, कोटकपूरा और बहिबल कलां में हुई बेअदबी की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप चोरी किए गए और बेअदबी की गई। जब संगत इसके विरोध में सड़कों पर उतरी तो तत्कालीन उपमुख्यमंत्री ने सड़कों को खाली करवाया और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई। बाद में उन अधिकारियों को पद देकर पुरस्कृत किया गया। बेअदबी की ये बार-बार होने वाली घटनाएं गुरु नानक नाम लेवा संगत के लिए असहनीय हैं। इन घटनाओं ने न केवल सिखों बल्कि विश्वभर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखने वाले लाखों लोगों की भावनाओं को भी आहत किया।” उन्होंने कहा, “पहले सजा बहुत कम थी। दोषियों को आसानी से जमानत मिल जाती थी। किसी ने भी कानून को गंभीरता से नहीं लिया। अब इस मामले में उम्रकैद और 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा, जिससे अब गलत इरादे रखने वाले लोग दो बार सोचेंगे। इस कानून का डर हमारे गुरु साहिब की पवित्रता की रक्षा करेगा।” ऑनलाइन और सोशल मीडिया पर गुरबाणी के शब्दों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किए जाने पर चिंता जताते हुए स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा, “जब भी गुरु साहिब के किसी शब्द को तोड़ा-मरोड़ा जाता है, तो लाखों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। ऐसे कार्य साम्प्रदायिक शांति और सद्भावना को भी प्रभावित करते हैं। यह कानून ऐसी नफरत फैलाने वाली घटनाओं पर रोक लगाएगा।” उन्होंने पूरे सदन से इस कानून को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की और कहा कि साझा विश्वास, शांति और पंजाब की सद्भावना इस पर निर्भर करती है। यह कानून पंजाब में न्याय, शांति और इंसाफ का एक नया अध्याय लिखेगा। ------------