Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
पंजाब/यूटर्न/9 अप्रैल। पंजाब ने अपनी शिक्षा क्रांति को अगले चरण में पहुंचाते हुए, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री और आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ गुरुवार को मिशन समरथ 4.0 की शुरुआत की। यह एक प्रमुख बुनियादी शिक्षा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य शिक्षा में वैश्विक उत्कृष्टता हासिल करना है। इस नए चरण में राज्यव्यापी उपस्थिति ट्रैकिंग प्रणाली शुरू की गई है, जिसके तहत अभिभावकों को अपने बच्चों की उपस्थिति की रोजाना एसएमएस के जरिए जानकारी मिलेगी। यह कदम रियल-टाइम जवाबदेही और कक्षाओं में निरंतर सीखने को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसे शिक्षा क्रांति का अगला बड़ा कदम बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब, जो पहले ही PARAKH (समग्र विकास के लिए प्रदर्शन मूल्यांकन, समीक्षा और ज्ञान विश्लेषण) सर्वेक्षण में नंबर 1 स्थान पर है, अब पहचान से आगे बढ़कर परिणामों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा बजट बढ़ाकर ₹19,279 करोड़ कर दिया है, जिससे धन सीधे स्कूलों तक पहुंच रहा है और बुनियादी ढांचे से लेकर सीखने के परिणामों तक स्पष्ट सुधार दिखाई दे रहा है। PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में पंजाब के शीर्ष स्थान का उल्लेख करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मिशन समरथ 2026–27 के तहत यह उपस्थिति ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है। उन्होंने कहा, “अब अभिभावकों को रोजाना बच्चों की उपस्थिति की जानकारी एसएमएस के माध्यम से मिलेगी। हर अनुपस्थिति पर सूचना दी जाएगी, जिससे नियमित उपस्थिति, सीखने की निरंतरता और कक्षा में सहभागिता बढ़ेगी। यदि कोई बच्चा सात दिन तक अनुपस्थित रहता है तो जिला स्तर पर अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा, और 15 दिन से अधिक अनुपस्थिति होने पर मामला राज्य मुख्यालय तक पहुंचाया जाएगा। इससे सीखने की निरंतरता और बच्चों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।” कार्यक्रम के प्रभाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मिशन समरथ ने कक्षा की व्यवस्था को बदल दिया है। इस चरण में शिक्षण गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने पर ध्यान है, जिसमें उपस्थिति ट्रैकिंग, बेहतर निगरानी और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना शामिल है। हमारा लक्ष्य है कि हर बच्चा मजबूत बुनियादी शिक्षा प्राप्त करे।” अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “मैं इस जिम्मेदारी के लिए आभारी हूं। पहले हर विधायक मंत्री बनना चाहता था, लेकिन शिक्षा मंत्री नहीं। मेरे लिए यह एक सपना पूरा होने जैसा है।” शिक्षा में निवेश पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा बजट को 2021–22 के ₹12,657 करोड़ से बढ़ाकर 2026–27 में ₹19,279 करोड़ कर दिया है, जो पंजाब में किसी भी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा आवंटन है। यह पैसा सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर स्कूल तक पहुंचा है। पहले शिक्षक शौचालय ठीक कराने या झाड़ू खरीदने के लिए चंदा इकट्ठा करते थे, लेकिन अब वे कहते हैं कि पिछली ग्रांट भी खर्च नहीं हुई है।” उन्होंने स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार का उल्लेख करते हुए बताया कि 500 से अधिक छात्रों वाले हर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अब कैंपस मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि 100 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराए गए हैं। शैक्षणिक सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब छात्रों को समय पर किताबें मिल रही हैं। “पहले सितंबर-अक्टूबर तक शिक्षक फोटोकॉपी से पढ़ाते थे क्योंकि किताबें नहीं आती थीं। इस साल 1 अप्रैल को हर बच्चे को मुफ्त में पूरी किताबें उपलब्ध कराई गईं, ठीक निजी स्कूलों की तरह,” उन्होंने कहा। मिशन समरथ 4.0 के मुख्य उद्देश्य को बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कक्षा 3 से 8 तक के बच्चों में पढ़ने, लिखने और गणित की मजबूत नींव सुनिश्चित करता है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि रोपड़ के गारदाले गांव के एक कक्षा 8 के छात्र ने कहा, “मैं कक्षा 5 पास कर चुका था, लेकिन कुछ नहीं जानता था। समरथ की वजह से अब मैं आत्मविश्वास से बात कर सकता हूं।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आंकड़ों में भी इसके परिणाम दिख रहे हैं। कक्षा 3 में पंजाब राष्ट्रीय औसत से 18% आगे है, जबकि कक्षा 6 में यह बढ़त 26–28% तक है। इस अवसर पर हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने मिशन समरथ कंपेंडियम भी जारी किया, जिसमें शिक्षकों द्वारा विकसित 38 सफल शिक्षण प्रथाओं का दस्तावेजीकरण किया गया है। इन्हें अब सरकारी स्कूलों में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मिशन समरथ देश के सबसे बड़े बुनियादी शिक्षा कार्यक्रमों में से एक बन चुका है, जिसमें करीब 12 लाख छात्र और 70,000 से अधिक शिक्षक जुड़े हुए हैं। मनीष सिसोदिया ने कहा, “पंजाब ने साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल देश का नेतृत्व कर सकते हैं। PARAKH 2024 में नंबर एक स्थान इसका प्रमाण है। मिशन समरथ 4.0 के साथ यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर बच्चा रोज स्कूल आए और अच्छी शिक्षा प्राप्त करे।” उन्होंने आगे कहा, “हर बच्चे को IIT भेजना संभव नहीं है, लेकिन यह सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा न्यूनतम स्तर से नीचे न रहे। क्योंकि अगर कोई बच्चा उस स्तर से नीचे रह जाता है, तो यह सरकार की विफलता है। बच्चा कोई आंकड़ा नहीं, बल्कि उम्मीद है, और उम्मीद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।” जवाबदेही के महत्व पर उन्होंने कहा, “देशभर में लोग नेताओं के भाषण पढ़ते हैं, लेकिन केवल भाषण से बदलाव नहीं आता, उदाहरण से आता है। जब एक अभिभावक को संदेश मिलता है कि ‘आपका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंच गया है’, तो यह छोटी सी जवाबदेही हजार बड़े दावों से अधिक महत्वपूर्ण होती है।” स्कूल शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा, “हम सुनिश्चित करेंगे कि हर छात्र और अभिभावक सरकारी स्कूलों का हिस्सा होने पर गर्व महसूस करें। पंजाब ने एक मानक स्थापित किया है, और मिशन समरथ इसे और आगे ले जाएगा।” इस अवसर पर SCERT की निदेशक किरण शर्मा, सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन की सलाहकार बोर्ड सदस्य शवेता शर्मा कुकरेजा और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। **उपस्थिति से जुड़ा सुधार, सीखने की निरंतरता को मजबूत करेगा** मिशन समरथ, भगवंत मान सरकार का प्रमुख कार्यक्रम, बच्चों को उनकी कक्षा के बजाय उनके सीखने के स्तर के अनुसार पढ़ाने पर आधारित है। इसमें नियमित मूल्यांकन, गतिविधि-आधारित शिक्षा और शिक्षकों के लिए निरंतर मार्गदर्शन शामिल है। PARAKH राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद, पंजाब अब मिशन समरथ 2026–27 के माध्यम से राष्ट्रीय नेतृत्व से वैश्विक उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है। इस चरण की प्रमुख विशेषता राज्यव्यापी उपस्थिति ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसके तहत अभिभावकों को रोजाना बच्चों की उपस्थिति की जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। यह प्रणाली नियमित उपस्थिति बढ़ाने, सीखने की निरंतरता सुनिश्चित करने, कक्षा में भागीदारी बढ़ाने और स्कूल व परिवार के बीच जवाबदेही मजबूत करने में मदद करेगी।