लुधियाना/यूटर्न/3 अप्रैल। बायसाइकिल इंडस्ट्री के एक यंग ग्रुप की और से जी-13 बायसाइकिल फोरम बनाई गई थी। जिसमें यंग साइकिल इंडस्ट्रियां शामिल थी। लेकिन इस फोरम द्वारा शुक्रवार को एक बड़ा फैसला करते हुए साइकिल कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी का अहम कारण अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से रा मटीरियल महंगा होना है। इन कीमतों को सेगेमेंट के मुताबिक बढ़ाया गया है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पहले साइकिल के रेट एकमा (ऑल इंडिया साइकिल मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन) द्वारा बढ़ाए जाते थे। इस एसोसिएशन में हीरो, एवन, एटल्स, टीआई और हीरोटेक जैसे बढ़े घराने शामिल हैं। मगर अब एटल्स इससे बाहर होने पर चार घराने मुख्य हैं। लेकिन पहली बार जी-13 द्वारा इस रीत को तोड़ते हुए खुद ही रेट बढ़ा दिए गए हैं। ऐसे में पूरी बायसाइकिल इंडस्ट्री में चर्चा छिड़ गई है कि जी-13 का यह फैसला एक इत्तेफाक है या इंडस्ट्री लीडरों का तख्ता पलट के संकेत हैं।
जी-13 ने ऐलान किए नए रेट
जी-13 की और से बढ़ोतरी के साथ नई कीमतों का ऐलान किया है। जिसमें स्टैंडर्ड साइकिल पर 235 रुपए, एमटीबी और लेडीज साइकिल पर 260 रुपए, किड्स साइकिल पर 225 रुपए और मल्टीस्पीड साइकिल पर 350 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। फोरम ने यह भी फैसला लिया कि यह रेट एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक के लिए हैं। 15 अप्रैल को कीमतों की दोबारा समीक्षा होगी। यदि कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का यही रुझान जारी रहता है, तो प्रति साइकिल 100 रुपए तक और बढ़ोतरी की जा सकती है। फोरम के अध्यक्ष राजिंदर जिंदल, महासचिव रोहित फावा और कोऑर्डिनेटर उमेश नारंग ने बताया कि उद्योग पर बढ़ते लागत दबाव को देखते हुए यह निर्णय जरूरी हो गया था।
हमेशा एकमा के मंच से ही रेट का होता था ऐलान
जानकारी के अनुसार एकमा में बायसाइकिल इंडस्ट्री के बढ़े घराने शामिल हैं। जिसके चलते उन्हें ही इंडस्ट्री का मुखी समझा जाता है। ऐसे में जब भी रेट बढ़ोतरी हुई तो एकमा के मंच से ही ऐलान हुआ। जिसके चलते बढ़ी साइकिल इंडस्ट्री द्वारा जो रेट रखा जाता था, उसी के मुताबिक थोड़ा कम करके मीडियम और फिर और थोड़ा कम करके स्मॉल स्केल इंडस्ट्री रेट रखती थी। मगर इस बार इस कल्चर को साइड करते हुए यंगसर्ट्स द्वारा खुद कीमतें बढ़ा दी हैं।
क्या छोटी इंडस्ट्री खत्म करने का प्रयास
वहीं चर्चा है कि बायसाइकिल सेक्टर में चार नामी बड़ी कंपनियों और यंग कंपनियों के बीच बिजनेस वॉर चल रही है। जिसके नतीजे अब सामने आने शुरु हो चुके हैं। वहीं यह भी चर्चा है कि कच्चा माल महंगा होने के बावजूद बड़ी कंपनियों द्वारा रेट नहीं बढ़ाए जा रहे थे। शायद वह रेट न बढ़ाकर घाटा पड़ने पर छोटे ब्रांड्स के खुद खत्म हो जाने के प्रयास में लगे थे। जिसके नतीजे में कंपनियों ने अपना बचाव करते हुए खुद ही अपने सत्र पर रेट बढ़ा दिए हैं।
कई नामी कंपनियां पहले ही दे चुकी रिजाइन
बता दें कि मार्च 2025 में एकमा की मेंबर रही सेठ इंडस्ट्री, एसके बाइक्स और विशाली साइकिल द्वारा मेंबरशिप छोड़ दी थी। जिसका मुख्य कारण आपसी विचारधारा न मिलना था। इंडस्ट्री सेक्टर का मानना है कि एकमा में शामिल बिजनेस लीडर्स अपनी अलग सोच के मुताबिक चल रहे हैं। इसी वजह से जी-13 लगातार ग्रोथ पर जा रही है। चर्चाएं हैं कि कही जी-13 का यह स्टैप एकमा की मोनोपली तोड़ने की तरफ तो नहीं है।
यूथ कंपनियों के प्रोडक्ट्स ज्यादा अच्छे
वहीं बाजार में चर्चा है कि यूथ कंपनियों द्वारा तैयार किए जा रहे प्रोड्क्ट्स दूसरी कंपनियों से ज्यादा अच्छे हैं। उक्त प्रोड्क्ट्स ज्यादा विश्वासनीय और कम कीमत वाले हैं। जिसके चलते लोगों द्वारा उसे शौंक से खरीदा भी जा रहा है। ऐसे में चर्चाएं हैं कि आने वाले समय में साइकिल इंडस्ट्री सेक्टर में बढ़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
लीडर्स नहीं अदा कर रहे सही रोल
वहीं यूसीपीएमए के पूर्व प्रधान चरणजीत सिंह विश्वकर्मा द्वारा पहले कई बार बातों में संकेत दिए जा चुके हैं। जिनका कहना था कि साइकिल इंडस्ट्री में बड़े लीडर्स द्वारा सही तरीके से अपना रोल अदा नहीं किया जा रहा। उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी के चलते यूथ इस सेक्टर में आने को तैयार नहीं है।
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