चंडीगढ़ /यूटर्न/2अप्रैल। शहर में बुधवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब सेक्टर-37 स्थित बीजेपी के पंजाब मुख्यालय के बाहर जोरदार धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे टूट गए, जबकि इमारत की दीवारों पर भी छर्रों के निशान पाए गए।
घटना के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमले में ग्रेनेड जैसे विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। एक वायरल वीडियो में संदिग्ध वस्तु दिखाई दे रही है, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को हमले की पूरी घटनाक्रम की अहम जानकारी मिली है। फुटेज में एक व्यक्ति संदिग्ध वस्तु फेंकते हुए नजर आता है, जिसके बाद धमाका होता है और वह तुरंत मौके से फरार हो जाता है। अन्य कैमरों की जांच में दो संदिग्धों की पहचान की गई है, जो घटना के समय आसपास मौजूद थे।
जांच के दौरान पुलिस ने जिस बाइक का सुराग लगाया, उसकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। इससे साफ है कि हमलावरों ने पहले से ही योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब तकनीकी और मानव खुफिया तंत्र के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब शहर में पहले से ही कई संवेदनशील स्थानों पर धमकी भरे संदेश मिल चुके हैं। पुलिस ने एहतियात के तौर पर शहरभर में गश्त बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी सामने आया है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं आतंकी एंगल, गैंगस्टर कनेक्शन और राजनीतिक टारगेटिंग को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल, शहर में अलर्ट जारी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।