जगरांव/यूटर्न/2/अप्रैल। थाना सुधार के अंतर्गत आने वाले गांव अकालगढ़ में मकान की छत पर लेंटर का जाल बांधते समय एक 33 वर्षीय मजदूर की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि मृतक ने काम शुरू करने से पहले घर के मालिक को बिजली की तारों के खतरे के बारे में स्पष्ट चेतावनी दी थी, लेकिन मालिक ने बिजली विभाग से परमिट लेने का झूठा भरोसा देकर काम जारी रखवाया। पुलिस ने घर मालिक बलविंदर सिंह और उसके पिता रुलदा सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक हरप्रीत सिंह पुत्र नागर सिंह निवासी रायकोट लेंटर का जाल बांधने का काम करता था। बीते 31 मार्च को वह सुबह अपने काम के सिलसिले में गांव अकालगढ़ में बलविंदर सिंह पुत्र रुलदा सिंह के घर गया था, जहां उसने अपने दोस्त बलिहार सिंह पुत्र अवतार सिंह निवासी रायकोट के साथ मिलकर छत का जाल बांधना शुरू किया।
शिकायतकर्ता बलवीर कौर पत्नी नागर सिंह निवासी रायकोट, जो कि मृतक की मां है, ने अपने बयान में बताया कि जब हरप्रीत सिंह शाम से देर रात तक घर नहीं पहुंचा, तो परिवार के सदस्य मनजीत सिंह ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया। फोन हरप्रीत के साथी बलिहार सिंह ने उठाया और इस दुखद घटना की जानकारी दी।
बलिहार सिंह के अनुसार, दोपहर करीब 4 बजे जाल बांधने का काम लगभग पूरा हो चुका था और कुछ ही सरिये लगाने बाकी थे। हरप्रीत सिंह आखिरी सरिये लगाने के लिए छत के किनारे की ओर गया, जहां अचानक उसके हाथ में पकड़ा लोहे का सरिया छत के पास से गुजर रही बिजली की तारों से जा टकराया। तेज करंट लगते ही हरप्रीत ने जोर से चीख मारी। जब साथी भागकर पास पहुंचे, तो सरिया उसके हाथ से नीचे गिर चुका था और हरप्रीत बेहोशी की हालत में जाल पर ही गिर गया था।
साथियों ने तुरंत हरप्रीत सिंह को बाइक पर बिठाकर नर्सिंग होम सुधार पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताते हुए उसे आगे रेफर कर दिया। इसके बाद घर मालिक बलविंदर सिंह की कार के जरिए मृतक को लुधियाना ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हरप्रीत सिंह को मृत घोषित कर दिया।
घर मालिक ने दिया था झूठा भरोसा
शिकायतकर्ता बलवीर कौर ने बयान में यह अहम खुलासा भी किया कि हरप्रीत सिंह के साथ काम करने वाले साथियों से उन्हें पता चला कि हरप्रीत ने काम शुरू करने से पहले घर मालिक बलविंदर सिंह को साफ शब्दों में कहा था कि छत के पास से बिजली की तारें गुजरती हैं और पहले बिजली विभाग से परमिट ले लिया जाए ताकि कोई हादसा न हो। बलविंदर सिंह ने हरप्रीत को भरोसा दिया कि परमिट लिया जा चुका है और वह बेफिक्र होकर काम करे। साथ ही कहा कि यदि कोई घटना घटती है, तो सारी जिम्मेदारी उनकी होगी। हादसे के समय बलविंदर सिंह का पिता रुलदा सिंह मौके पर मौजूद था।
थाना सुधार के ए.एस.आई. गुरदीप सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शिकायतकर्ता बलवीर कौर के बयानों के आधार पर घर मालिक बलविंदर सिंह और उसके पिता रुलदा सिंह निवासी गांव अकालगढ़ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।