चंडीगढ़/यूटर्न/1 अप्रैल।
चंडीगढ़ में सोमवार को राजस्थान और ओड़िशा स्थापना दिवस के अवसर पर पंजाब राज भवन में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के कलाकारों ने घूमर, गणगौर गीत और कालबेलिया नृत्य जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। राज्यपाल के साथ उनकी धर्मपत्नी अनीता कटारिया भी मौजूद रहीं और कलाकारों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा की।
अपने संबोधन में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता में निहित है और ऐसे आयोजन विभिन्न राज्यों की परंपराओं को एक मंच पर लाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर में विभिन्न प्रदेशों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं और इस तरह के कार्यक्रम सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं।
इस अवसर पर डीसी निशांत यादव , डीजीपी सागर प्रीत हूडा , मनदीप बराड , पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, पूर्व मेयर हरप्रीत कौर बबला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान परिवार सेवा संस्था द्वारा किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में राजस्थान और ओड़िशा मूल के लोगों ने भाग लिया। राजस्थान परिवार सेवा संस्था के संस्थापक पवन शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को राजस्थानी पगड़ी पहनाकर और तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक विरासत, एकता और भाईचारे का संदेश गूंजता रहा। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि शहर में विभिन्न राज्यों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव और सौहार्द का प्रतीक भी बना।