अलग अलग विचार धारा के चलते तीन युवा मैंबरों ने एक साल पहले ही छोड़ दी थी सदस्य्ता
लुधियाना, 30 मार्च : ऑल इंडिया साइकिल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ( एकमा ) की 39वीं AGM इस बार सिर्फ एक औपचारिक बैठक बन कर रह गई। बैठक में हुए निर्णय सार्वजनिक होते ही साइकिल उद्योग की “आंतरिक राजनीति” भी खुलकर सामने आ गई।
बैठक में प्रधान आदित्य मुंजाल की अनुपस्थिति में वाइस प्रेजिडेंट ऋषि पाहवा ने अध्यक्षता की और बाद में सर्वसम्मति से उन्हें दूसरी बार अध्यक्ष चुन लिया गया। वहीं टी आई साईकिल के राजगोपाल U को 2026–28 के लिए उपाध्यक्ष बनाया गया। दोनों आगामी दो साल के लिए संस्था का कार्यभार संभालेंगे।
हालांकि AGM के मंच पर जहां “सेफर साइकिल्स, स्ट्रांगर इंडस्ट्री” और पांच बड़े एजेंडे पेश किए गए, वहीं बैकग्राउंड में संगठन की संरचना और प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वर्तमान में AICMA में 15 सदस्य बताए जा रहे हैं, जिनमें 9 कोर और 6 एडवाइजरी सदस्य शामिल हैं। राल्सन इंडिया और हार्टेक्स जैसी टायर कंपनियों को कोर ग्रुप में शामिल किया गया है। जबकि अन्य तीन कोर मैम्बर भी बड़ी कंपनियों की सहयोगी कंपनियां ही है।
4 कंपनियों तक सिमट कर रह गई एकमा : कपूर
लेकिन इसी बीच युवा कम्पनी एसके बाइक्स के डायरेक्टर राजेश कपूर ने हैरानी जनक बयान देते हुए कहा कि उन्होंने मार्च 2025 में ही संगठन छोड़ दिया था। उनके साथ सेठ इंडस्ट्रियल और विशाली साईकिल ने भी सदस्य्ता छोड़ दी। जिसकी वजह उनकी और मौजूदा कंपनियों की विचार धारा और आइडियोलॉजी में बड़ा फर्क रहा । इसके इलावा एटलस भी बंद के बराबर है। उनके अनुसार, “AICMA अब केवल 4 प्रमुख साइकिल कंपनियों तक सिमट गई है, जहां पदों का बंटवारा आपसी सहमति से होता है।”
कपूर ने बताया की सदस्य्ता के नाम पर संस्था में कई पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को सिर्फ “आई-वॉश” के लिए एडवाइजरी स्तर तक सीमित रखा गया है। ऐसे में जहां एक ओर AICMA उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर संगठन के भीतर प्रतिनिधित्व और पारदर्शिता को लेकर उठते सवाल आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बन सकते हैं।