पंजाब/यूटर्न/30 मार्च। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “शानदार चार साल भगवंत मान के साथ” श्रृंखला के तहत राज्य की “शिक्षा क्रांति” का चार वर्षों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने बताया कि लगातार सुधारों के कारण सरकारी स्कूल अब मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं और देशभर में बेहतर परिणाम दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इसे सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जो गर्व की बात है।
सरकार ने स्कूलों में बुनियादी ढांचे, शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। अब सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। 118 “स्कूल ऑफ एमिनेंस” स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 740 छात्रों ने JEE और 1284 छात्रों ने NEET परीक्षा पास की है। साथ ही, 14,525 शिक्षकों की भर्ती और 12,316 कर्मचारियों को नियमित किया गया है।
“बिज़नेस ब्लास्टर” योजना के तहत छात्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे वे नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा, मुफ्त बस सेवा, वाई-फाई सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग जैसे कई कदम उठाए गए हैं।
उच्च शिक्षा में भी सुधार करते हुए डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति लागू की गई है और नए कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।