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मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक - Uturn Time
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हरियाणा/यूटर्न/30 मार्च। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा भर में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाएं जाने के लिए स्थान ढूंढने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आती है, इसलिए इससे निपटने के लिए अभी से पुख्ता इंतजाम किए जाएं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सोमवार को सचिवालय में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने बारिश से पहले होने वाली ड्रेन को सफाई, जल निकासी व्यवस्था और सफाई व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि जहां-जहां जल निकासी में दिक्कत है, उन स्थानों की पहचान कर वहां वैकल्पिक उपाय अपनाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि ऐसे स्थानों पर वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विकल्प तलाशे जाएं, ताकि वर्षा जल का संचयन हो सके और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में वॉटर हार्वेस्टिंग से जुड़ा पूरा और अपडेटेड डेटा तैयार किया जाए। इसमें यह जानकारी शामिल हो कि कहां-कहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हुए हैं, उनमें से कितने सही तरीके से काम कर रहे हैं और किन स्थानों पर इन्हें लगाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी विभागों में इन सिस्टम्स को सही तरीके से लागू किया जाए और जहां यह अभी तक नहीं लगे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर इन्हें स्थापित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में इसे विशेष रूप से लागू करना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में प्रदेश की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, विशेष रूप से आरआईएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है। इस दिशा में लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी के लिए अब कैमरे लगेंगे मुख्यमंत्री ने जीपीएस आधारित कचरा कलेक्शन सिस्टम की भी समीक्षा की और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली में आरआईएफडी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा रहा है। स्वीपिंग मशीनों की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए विभाग द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन मशीनों पर चार कैमरे लगाए जाएंगे। एक आगे की ओर, एक ऊपर, एक नीचे और एक पीछे की ओर। उन्होंने कहा कि यदि सफाई के दौरान मशीन का नीचे लगा सेंसर बंद पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी को भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, अब एजेंसियों को हर महीने अपने बिल के साथ काम से संबंधित वीडियो फुटेज भी जमा करनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसकी जांच की जा सके। इसके साथ ही इस व्यवस्था में 1250 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से पेनल्टी का प्रावधान किया गया है, जिससे एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी और काम में लापरवाही नहीं होगी। सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी बात मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों की सुविधाओं पर भी जोर देते हुए निर्देश दिए कि उन्हें ड्रेस, जूते और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि वे बेहतर तरीके से अपना कार्य कर सकें। खास बात यह है कि पूरे हरियाणा में कार्यरत सेनेटरी वर्करों के लिए एक जैसी ड्रेस लागू करने को मुख्यमंत्री ने कहा है। बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे बड़े शहरों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी और पानी की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन शहरी क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरूण गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अशोक कुमार मीणा, विभाग के निदेशक श्री मुकुल कुमार सहित विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।