चंडीगढ़/यूटर्न/28 मार्च। चंडीगढ़ के सुखना लेक पर आयोजित एयर शो का दूसरा दिन उत्साह, रोमांच और देशभक्ति के जज्बे से भरपूर रहा। भारतीय वायु सेना की सूर्या किरण ऐरोबाटिक टीम ने आसमान में ऐसे हैरतअंगेज करतब दिखाए कि पूरा शहर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।
इस खास मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान , हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया समेत कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। वीआईपी उपस्थिति के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
दूसरे दिन पहले दिन के मुकाबले कहीं ज्यादा भीड़ देखने को मिली। पंजाब, हरियाणा और आसपास के इलाकों से हजारों लोग एयर शो देखने पहुंचे।
आसमान में दिखा पराक्रम, ज़मीन पर उमड़ा जोश
एयर शो के दौरान ‘सूर्यकिरण’ टीम के लाल-सफेद विमानों ने जब एक साथ उड़ान भरकर प्रिसिजन फॉर्मेशन, लूप्स और रोल्स जैसे जटिल करतब दिखाए, तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। करीब 30 से 45 मिनट तक चले इस प्रदर्शन ने भारतीय वायु सेना की ताकत और तकनीकी कौशल की शानदार झलक पेश की।
टीम के फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने कहा कि चंडीगढ़ में इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनना गर्व की बात है और इसका उद्देश्य युवाओं को रक्षा सेवाओं में आने के लिए प्रेरित करना है।
बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान
यह एयर शो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रेरणा का भी बड़ा मंच बना। जांबाज पायलटों के करतब देखकर कई छात्राओं के भीतर देशसेवा का जज्बा जाग उठा।
सरकारी स्कूल की छात्रा तराना ने कहा, “पहले भी डिफेंस में जाना चाहती थी, लेकिन अब पायलट बनने का सपना लक्ष्य बन गया है।”
वहीं सादिया ने बताया कि उसे ऊंचाई से डर लगता था, लेकिन इस शो के बाद उसका डर खत्म हो गया।
भारती ने कहा कि वह आगे चलकर सेना में अधिकारी बनना चाहती है और मौका मिलने पर वायुसेना में जरूर जाएगी।
बच्चों के लिए बना खास अवसर
चंडीगढ़ प्रशासन ने इस आयोजन को और खास बनाते हुए सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी एयर शो देखने का मौका दिया। चार स्कूलों से 50-50 बच्चों को विशेष अनुमति देकर लाया गया। इसके अलावा स्नेहालय के बच्चों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
छोटे-छोटे बच्चों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा था। शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हैं।
शहर ने देखा जोश, गर्व और प्रेरणा का संगम
एयर शो के दूसरे दिन ने यह साबित कर दिया कि यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं—खासतौर पर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
सुखना लेक के आसमान में उड़ते विमानों ने जहां वायुसेना की ताकत का प्रदर्शन किया, वहीं ज़मीन पर खड़े हजारों दर्शकों के दिलों में देशभक्ति और सपनों की नई उड़ान भर दी।