चंडीगढ़/यूटर्न/28 मार्च। चंडीगढ़ का सेक्टर 7 स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स इन दिनों अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है, जहां भारत समेत भूटान, मालदीव, श्रीलंका और नेपाल के शीर्ष धावक एक ही ट्रैक पर अपनी रफ्तार का दम दिखा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण रिले प्रतियोगिता के पहले संस्करण में देश-विदेश के एथलीटों की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया है।
यह प्रतियोगिता सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि भारतीय रिले टीमों के लिए निर्णायक परीक्षा है। इसी प्रदर्शन के आधार पर 2 और 3 मई को बॉट्सवाना में होने वाली वैश्विक रिले प्रतियोगिता के लिए टीमों का चयन होगा। वर्ल्ड अथलेटिक्स 5 अप्रैल के बाद दुनिया की शीर्ष 24 टीमों की अंतिम सूची जारी करेगा।
क्वालीफिकेशन की दौड़ में भारत
भारतीय पुरुष 4x100 मीटर रिले टीम फिलहाल विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर है। पिछले साल ताइपे में टीम ने 38.75 सेकंड का समय निकाला था। कोच नायर के अनुसार 38.50 सेकंड का प्रदर्शन क्वालीफिकेशन के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
देश के उभरते धावक अनिमेष कुजूर ने कहा कि इस प्रतियोगिता में हर एथलीट को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा, क्योंकि यही मौका विश्व स्तर पर पहुंचने का रास्ता तय करेगा।
वहीं भारतीय महिला 4x100 मीटर रिले टीम 23वीं रैंकिंग के साथ फिलहाल क्वालीफिकेशन जोन में बनी हुई है। यह रैंकिंग 2025 गुमी एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 43.86 सेकंड के प्रदर्शन पर आधारित है।
मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम भी 22वीं रैंकिंग के साथ मजबूत स्थिति में है। टीम ने पिछले वर्ष ग्वांगझोउ में 3:14.81 का समय दर्ज किया था।
बोत्सवाना में होंगी छह बड़ी स्पर्धाएं
आगामी वैश्विक रिले प्रतियोगिता में छह प्रमुख स्पर्धाएं आयोजित होंगी:
• पुरुष और महिला 4x100 मीटर
• पुरुष और महिला 4x400 मीटर
• मिश्रित 4x100 मीटर
• मिश्रित 4x400 मीटर
चंडीगढ़ से दुनिया तक का सफर
सेक्टर-7 का यह ट्रैक अब भारतीय एथलेटिक्स के लिए ‘डिसीजन ग्राउंड’ बन चुका है, जहां से तय होगा कि कौन-सी टीमें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
इस प्रतियोगिता ने न केवल खिलाड़ियों के लिए दबाव और अवसर दोनों पैदा किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि चंडीगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।