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निर्भीक राष्ट्रभक्ति व असीम हौसले से ओत प्रोत थे शहीदे आज़म भगत सिंह - तीक्ष्ण सूद - Uturn Time
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होशियारपुर/ यूटर्न/23 मार्च।शहीदे आज़म भगत सिंह के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रदाजलि देते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने कहा है कि स.भगत सिंह की देश भक्ति व बुलंद हौसला बेमिसाल था। इसलिए युवा उन्हें रोल मॉडल मानते है। 1907 में जन्मे भगत सिंह को मात्र 23 साल की आयु में ही क्रूर अंग्रेजी शासन ने फांसी पर लटका दिया था। जलियांवाला बाग़ में अंग्रेजो द्वारा निर्दोष लोगों के क़त्लेआम का बदला लेने के लिए स.भगत सिंह ने देश को आज़ाद करने का संकल्प लिया तथा लाला लाजपत राय की मौत का कारण बनने वाले ब्रिटिश अधिकारी जॉन सांडर्स को अपने सथियों सुखदेव तथा राजगुरु के साथ मिलकर मौत के घाट उतारकर उनका बदला लेकर देश को दिखा दिया कि छोटी उम्र में भी अगर मन में देशभक्ति के बलबले हो तो बहुत कुछ किया जा सकता है। बचपन से ही बंदूकों से खेलने वाले भगत सिंह केवल एक लड़ाकू किसम के इंसान नहीं थे परन्तु देश को आज़ाद करा के भारत में समानता ,न्याय और छुआछूत जैसी कुरीतियों को खत्म करने में विश्वास रखते थे। जेल में रहते हुए वहां के हालात को सुधारने के लिए उन्होंने ने 116 दिन भूख हड़ताल की जो अपने आप में बेमिसाल है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की सोच को साकार करने की बजाय आज कल कुछ राजनीतिज्ञ उनके नाम को बेच रहे है। अगर उनकी सोच को सही अर्थो में जमीन पर उतार दिया जाए तो भारत तेजी से आगे बढ़ कर दुनिया का सिरमोर देश बन सकता है।इस मोके पर श्री सूद के साथ शिव सूद ,सतीश बावा ,जसप्रीत ( श्री जस्सा बावा ), दीक्षांत ठाकुर ,सुचा सिंह , राजा पंडित ,रिम्पु सैनी ,राजिंदर ,शेर सिंह ,सुमित ने भी स. भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भेट की