उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के सोनावारी क्षेत्र में शिया बहुल इलाकों के लोगों ने एक मिसाल पेश करते हुए ईरान के लोगों के समर्थन में बड़े स्तर पर मानवीय सहायता जुटाई है। अमेरिका-इजरायल के सैन्य हमलों से पैदा हुए संकट के बीच यहां के लोगों ने एकजुट होकर सोना, चांदी, नकद, बर्तन और अन्य जरूरी सामान दान किया, जिसकी कुल कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है।
नौगाम, शादिपोरा, शिलवत, जालपोरा सहित कई गांवों में लोगों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। खास बात यह रही कि शिलवत सोनावारी में सुन्नी समुदाय के लोगों ने भी शिया समुदाय के साथ मिलकर दान किया, जो भाईचारे और एकता का मजबूत संदेश देता है।
स्थानीय आयोजकों के अनुसार, ईद-उल-फितर के दौरान घर-घर जाकर और अस्थायी केंद्र बनाकर यह दान इकट्ठा किया गया। नौगाम सोनावारी के आयोजक गुलाम मोहम्मद ने बताया कि इस पहल में हर वर्ग के लोगों—बच्चों, छात्रों, व्यापारियों और गृहिणियों—ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
महिलाओं ने बड़ी संख्या में अपने सोने के आभूषण दान किए, जिसमें एक नवविवाहित दुल्हन द्वारा अपना शादी का सोना देना और एक बुजुर्ग महिला द्वारा तुरंत अपनी चूड़ियां उतार देना जैसे भावुक पल शामिल हैं। जालपोरा की एक बच्ची जैनब जहरा ने अपनी तीन साल की बचत और ईदी की पूरी राशि दान कर दी।
लोगों का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि मानवता के प्रति उनकी जिम्मेदारी है। इस पहल की सराहना करते हुए ईरानी दूतावास ने कश्मीर के लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी यह दरियादिली कभी नहीं भुलाई जाएगी।