Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़/ यूटर्न/21 मार्च।सेक्टर-44डी मार्केट में एक वकील के साथ कथित बदसलूकी और अभद्र व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। जिला बार एसोसिएशन, चंडीगढ़ ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर संबंधित पीसीआर कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 18 मार्च 2026 की रात करीब 11:30 बजे पीसीआर वाहन (नंबर CH01 GA 0725) में तैनात पुलिस कर्मियों ने अधिवक्ता उज्ज्वल भसीन के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने न केवल अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए उनके साथ अनुचित व्यवहार और संपत्ति को अवैध रूप से रोकने जैसी कार्रवाई भी की। उज्ज्वल भसीन, जो सेक्टर-44बी के निवासी हैं, जिला बार एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य और वर्तमान में कार्यकारिणी के कोषाध्यक्ष भी हैं। इस घटना को लेकर पहले ही 19 मार्च को विस्तृत शिकायत पुलिस मुख्यालय को सौंपी जा चुकी है। बार एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह का व्यवहार न केवल एक अधिवक्ता की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि पूरे कानूनी समुदाय का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस व्यवस्था में जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं। एसोसिएशन ने मांग की है कि संबंधित पीसीआर कर्मियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की गई है।