Ludhiana 20 March : Shri Amarnath Barfani Langar Organization ने Amarnath Yatra 2026 के लिए लंगर अनुमति प्रक्रिया में किए गए बदलावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने नई व्यवस्था को अपारदर्शी और निष्पक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
SABLO के अध्यक्ष Rajan Gupta ने कहा कि श्राइन बोर्ड द्वारा वर्षों से लागू EOI आधारित पारदर्शी प्रणाली को बिना किसी स्पष्ट कारण के समाप्त कर दिया गया है। नई प्रक्रिया में न तो पात्रता मानदंड सार्वजनिक किए गए हैं और न ही चयन के स्पष्ट मापदंड तय किए गए हैं, जिससे पक्षपात और मनमानी की आशंका बढ़ गई है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि 2025 यात्रा के बाद लंगर संगठनों को आवश्यक NOC जारी नहीं किए गए, जो अगले वर्ष की अनुमति के लिए अहम दस्तावेज होता है। इससे कई अनुभवी संगठनों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
25 मार्च 2026 को आवेदन की अंतिम तिथि होने के बावजूद अनुमति जारी करने की समय-सीमा स्पष्ट नहीं है, जिससे तैयारी और संसाधन प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। SABLO ने चेतावनी दी कि यदि पारदर्शिता बहाल नहीं की गई तो तीर्थयात्रियों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।