उत्तर प्रदेश / यूटर्न/20 मार्च।उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना है, जिसमें क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान रखा जाएगा। इस विस्तार में कुल मंत्रियों की संख्या 60 तक पहुंच सकती है, जिसमें नए और अनुभवी नेताओं का मिश्रण होगा। चर्चा में प्रमुख नाम हैं: चौधरी भूपेंद्र सिंह, जो पश्चिमी यूपी के जाट वोटरों के लिए रणनीतिक हैं; अशोक कटारिया, अनुभवी संगठन और सरकार का संतुलन बनाने वाले; पूजा पाल, दलित-पिछड़े वर्ग में प्रभावशाली महिला नेता; बलदेव सिंह औलख, तराई क्षेत्र और सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व; और गोविंद नारायण शुक्ला, ब्राह्मण वोटबैंक और संगठन-सरकार तालमेल के लिए। इस विस्तार से पश्चिमी यूपी, प्रयागराज और तराई में जातीय व सामाजिक समीकरण मजबूत होंगे। तीसरे उपमुख्यमंत्री के पद पर भी चर्चा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह कदम बीजेपी की घर-घर रणनीति और संगठन-सरकार समन्वय का ट्रेलर है और 2027 चुनाव में पार्टी की पकड़ को और मजबूत करेगा।