Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
किसान की फसल का एक-एक दाना MSP पर खरीदने के लिए सरकार प्रतिबद्ध ,खेत से मंडी और मंडी से शेलर तक होगी सख्त निगरानी शेलर व आढ़तियों की मिलीभगत पर होगी कार्रवाई, लगेगी भारी पेनल्टी चंडीगढ़, 2 जनवरी - हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल खरीद व्यवस्था में आई अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक किसान की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, वहीं गलत खरीद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज यहां फसल खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आगामी खरीद सीजन के दौरान फील्ड में नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि किसान की सही उपज बिना किसी बाधा के एमएसपी पर खरीदी जा सके। उन्होंने कहा कि फसल खरीद में पूर्व में उजागर हुई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी खरीद सीजन में इस प्रकार की कोई भी समस्या दोबारा नहीं आनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि फसल खरीद में संलिप्त पाए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तुरंत अमल में लाई जाए। इससे फील्ड स्तर पर यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि गलत कार्य करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी शेलर या आढ़ती द्वारा मिलीभगत कर भारी अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ भारी पेनल्टी भी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि शेलरों की जांच के लिए संबंधित विभाग की समिति ही जाए, कोई भी अधिकारी या कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जांच पर न जाए। यदि ऐसा पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से किसान के खेत से मंडी तक और मंडी से शेलर तक पूरी फसल की पूर्ण रूप से तकनीकी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर की जा रही है, इसलिए सभी फसलों का सटीक डाटा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अपडेट होना अनिवार्य है। इसके लिए ग्राम सचिवों, पटवारियों के साथ-साथ ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी जोड़ा जाए ताकि कितने एकड़ में कितनी फसल खड़ी है, इसकी पूरी जानकारी उपलब्ध हो सके। साथ ही हरसैक से प्राप्त रिपोर्ट के साथ भी आपसी तालमेल सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इस प्रक्रिया में प्रदेश की कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों को भी शामिल कर उनकी विशेषज्ञ भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि आगामी खरीफ फसल खरीद सीजन के लिए विभाग द्वारा उन्नत तकनीक आधारित विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को मंडी में फसल बेचने पर किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही नई तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को डिविजनल स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बैठक में वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल सहित संबंधित खरीद एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।