हरियाणा/ यूटर्न/19 मार्च।भारत में आज से हिंदू सनातन धर्म के प्रतीक चैत्र नवरात्रि का पर्व शुरू हो गया है। नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ हुई और नौ दिनों तक देवी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। रेवाड़ी के बारह हजारी चौक स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री दुर्गा मंदिर में पहले दिन माता के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधिपूर्वक पूजा की जा रही है। मां शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। वे वृषभ (बैल) पर सवार होकर दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल धारण करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि उनकी पूजा से जीवन में स्थिरता, शक्ति, यश और वैवाहिक जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है। मंदिरों और प्रतिमाओं को भव्य रूप से सजाया गया है और सुबह से ही भक्तों की चहल-पहल शुरू हो गई है। नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ दिव्य स्वरूपों की पूजा की जाएगी, जिसमें सुबह-शाम आरती और नवचंडी हवन यज्ञ शामिल हैं। पुजारी पंडित अयोध्या प्रसाद तिवारी के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है और यह पर्व सुख-समृद्धि, आध्यात्मिक शांति और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। साथ ही आज से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 भी प्रारंभ हुआ है।