चंडीगढ़/ यूटर्न/ 18 मार्च।शहर में घरेलू एलपीजी को लेकर इन दिनों अनावश्यक दहशत का माहौल बन गया है। हालांकि प्रशासन लगातार यह स्पष्ट कर रहा है कि गैस सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है, फिर भी लोगों में घबराहट के कारण बुकिंग में करीब डेढ़ गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, शहर में प्रतिदिन लगभग 9 हजार घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की खपत होती है और फिलहाल उतनी ही आपूर्ति उपलब्ध है, लेकिन “पैनिक बाइंग” ने वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव बना दिया है।
दूसरी ओर, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति केवल 20 प्रतिशत तक सीमित होने से बाजार पर असर साफ दिखाई दे रहा है। कई रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू में कटौती कर दी है, जबकि स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को अस्थायी रूप से काम बंद करना पड़ा है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की सचिव अनुराधा चगती ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी की कोई कमी नहीं है और तेल कंपनियों ने पर्याप्त स्टॉक होने का भरोसा दिया है। प्रशासन ने बाजार में कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं और जमाखोरी या ओवरचार्जिंग पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा कालाबाजारी निवारण अधिनियम, 1980 के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इसके अलावा, एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे सुरक्षित और किफायती विकल्प बताया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और अनावश्यक खरीदारी न करें, क्योंकि ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।