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पंजाब/यूटर्न/18 मार्च।पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ के आसपास स्थित न्यू चंडीगढ़ और उससे सटे गांवों में अवैध निर्माण को लेकर है। इको-सेंसिटिव जोन और पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट के तहत आने वाले इन क्षेत्रों में बिना अनुमति निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर भी कई प्रभावशाली लोगों ने यहां फार्महाउस और मैरिज पैलेस बना लिए हैं, जहां व्यावसायिक गतिविधियां भी चल रही हैं। अब ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) ने सख्त रुख अपनाते हुए 42 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए संबंधित थानों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो शिकायत दर्ज कराएंगे। सबसे अधिक अवैध निर्माण गांव करोरा में पाए गए हैं, जहां 15 लोगों को सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा जयंती माजरी (11), मिर्जापुर (4) और सुल्तानपुर, माजरा, पालनपुर, तारापुर (प्रत्येक में 2) के साथ अन्य गांवों में भी मामले सामने आए हैं। इस पूरे मामले पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई भी चल रही है। 2025 में दायर जनहित याचिका के बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, और आज (बुधवार) को इसकी दोबारा सुनवाई होनी है। GMADA और फॉरेस्ट विभाग पहले ही अपने एफिडेविट दाखिल कर चुके हैं। यह कार्रवाई अवैध निर्माण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।