चंडीगढ़/यूटर्न/17 मार्च।हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य में साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने विधानसभा के बजट सत्र में बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में साइबर क्राइम के मामलों में करीब 17% की कमी आई है। 2024 में 6054 मामलों के मुकाबले 2025 में यह संख्या घटकर 5000 रह गई। ठगी के मामलों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। 2024 में 9804 मामलों के मुकाबले 2025 में 6324 मामले सामने आए, जो लगभग 36% की कमी दर्शाते हैं। वहीं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है—2024 में 5156 गिरफ्तारियों के मुकाबले 2025 में 8093 गिरफ्तारियां हुईं, यानी करीब 57% की वृद्धि। मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराध से निपटने के लिए अलग साइबर क्राइम विभाग बनाया गया है। साथ ही “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीकों पर भी नजर रखी जा रही है, जहां ठगी की रकम कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है। पुलिस और बैंकों के समन्वय से ऐसी रकम को तुरंत होल्ड किया जाता है। 2024 में 27% राशि होल्ड की गई थी, जो 2025 में बढ़कर 40% हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि 1930 हेल्पलाइन और जीरो एफआईआर जैसी व्यवस्था से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। भविष्य में गोहाना, बहादुरगढ़ और सोनीपत में नए साइबर थाने खोले जाएंगे। बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए सरकार ड्यूल ओटीपी सिस्टम लागू करने जा रही है, जिससे साइबर ठगी पर और प्रभावी रोक लगाई जा सके।