Uturn Time
Breaking
Amritsar: ऑपरेशन ब्लू स्टार की याद में Akal Takht में धार्मिक कार्यक्रम शुरू, संगत में भावुक माहौल Chandigarh: बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी हवारा ने मांगी राहत, मां की देखभाल के लिए पैरोल की मांग Hisar: मेजर अमित कुमार ने किया हिसार का नाम रोशन, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला सम्मान Hisar: रिश्वतखोरी पर एसीबी का शिकंजा, हिसार में दो पटवारी सहित तीन गिरफ्तार Chandigarh: हरियाणा एसीबी की नई पहल, मोबाइल एप के जरिए भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद प्रशासन सक्रिय, पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय, मृतकों के परिवारों को 10 लाख New Delhi: ईडी की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, सलीम डोला सिंडिकेट के 21 ठिकानों पर छापेमारी Ludhiana: बिट्टू गुंबर गौसेवा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं: दर्शन लाल बवेजा Ludhiana: राजा वडिंग के नेतृत्व में 2027 चुनावों के लिए कांग्रेस पूरी तरह सक्रिय: विपन अरोड़ा Sonipat: उपायुक्त नेहा से मिले पीएम केयर्स योजना के बच्चे, उज्जवल भविष्य को लेकर हुई बातचीत Rewari: हरियाणा में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकार सख्त, रणबीर गंगवा बोले- अधिकारियों की लापरवाही नहीं चलेगी New Delhi: मालवीय नगर अग्निकांड पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सख्त, अधिकारियों के साथ शुक्रवार को होगी समीक्षा बैठक
Logo
Uturn Time
चंडीगढ़, 1 जनवरी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने व्यापारी-अनुकूल शासन को और मज़बूत करते हुए ‘बकाया करों की रिकवरी संबंधी पंजाब एकमुश्त निपटारा योजना (ओटीएस)–2025’ की समय-सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के व्यापारियों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि यह विस्तार जीएसटी प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (जीएसटीपीए), पंजाब सहित विभिन्न हितधारकों की मांग और योजना को मिल रहे व्यापक समर्थन को देखते हुए दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक इस योजना के तहत 6,348 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो इसकी उपयोगिता और करदाताओं के भरोसे को दर्शाता है। वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में विभिन्न कर रिटर्न की तिथियां एक साथ पड़ने तथा वैट असेसमेंट ऑर्डर की लंबित डिलीवरी जैसी व्यावहारिक चुनौतियों के कारण कई करदाताओं के लिए दिसंबर की मूल समय-सीमा तक अपनी देनदारियों का सटीक निर्धारण करना कठिन हो रहा था। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समय-सीमा में विस्तार किया गया है। गौरतलब है कि ओटीएस स्कीम–2025, जिसकी शुरुआत 1 अक्टूबर 2025 से हुई थी, राज्य की सबसे बड़ी करदाता-अनुकूल पहलों में से एक बनकर उभरी है। इसका उद्देश्य जीएसटी युग से पूर्व के अधिनियमों—विशेषकर वैट और केंद्रीय विक्रय कर (सीएसटी)—से जुड़े लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान करना और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पात्र करदाताओं को ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत तक की छूट के साथ-साथ मूल कर राशि में भी उल्लेखनीय राहत प्रदान की जा रही है।