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चंडीगढ़/यूटर्न/ 12मार्च। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार ने नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत प्रदेश में द्वितीयक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 100 स्वास्थ्य संस्थानों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में नामित किया है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर मामलों में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके। उन्होंने बताया कि इन एफआरयू को 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं प्रदान करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर प्रसूति सेवाएं, नवजात शिशु देखभाल तथा रक्त भंडारण जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे माताओं और नवजात शिशुओं से जुड़ी आपात स्थितियों में तुरंत और प्रभावी चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा में मातृ और नवजात मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाना है। इन एफआरयू के सुदृढ़ होने से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होगा, जिससे पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा। प्रदेश में जिन 100 स्वास्थ्य संस्थानों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में नामित किया है उनमें अंबाला जिला के 5 संस्थान हैं। इनके अलावा, भिवानी के 4, चरखी दादरी के 2, फरीदाबाद के 5, फतेहाबाद के भी 5, गुरुग्राम के 4, हिसार के 5, झज्जर के 6, जींद के 6, कैथल के 4, करनाल के 6, कुरुक्षेत्र के 5, महेंद्रगढ़ के 4, नूंह के 5, पलवल के 4, पंचकूला के 4, पानीपत के 4, रेवाड़ी के 4, रोहतक के 4, सिरसा के 5, सोनीपत के 5 तथा यमुनानगर जिला के 4 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को एफआरयू के तौर पर नामित किया गया है।