दलजीत अजनोहा
होशियारपुर
होशियारपुर/यूटर्न/12 मार्च।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब के दिशा-निर्देशों के तहत जिला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र होशियारपुर द्वारा सोनालीका इंटरनेशनल ट्रैक्टर लिमिटेड, नस्राला में नेशनल नो स्मोकिंग डे के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम फैक्ट्री मैनेजर श्री रजनीश सदल और डॉ. नितेश (मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज) की देखरेख में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. स्वाति शीमार विशेष रूप से उपस्थित हुए। उनके साथ मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज जिला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र होशियारपुर डॉ. जसलीन कौर, काउंसलर प्रशांत आद्या, संदीप कुमारी, तहरीन बसरा (फेलो) और डॉ. शिप्रा भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डॉ. स्वाति शीमार ने कहा कि युवाओं को तंबाकू और अन्य नशों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारियां और अन्य कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। तंबाकू न केवल इसका सेवन करने वाले व्यक्ति को बल्कि उसके परिवार और आसपास के लोगों को भी नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से नशा छोड़ने वाले मरीजों को समाज में पुनः स्थापित करने के लिए विभिन्न प्रमाणपत्र और व्यावसायिक प्रशिक्षण कोर्स करवाए जाते हैं ताकि वे अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
डॉ. स्वाति ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा नशा मुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं के लिए टेली-मनस हेल्पलाइन नंबर 14416 उपलब्ध कराया गया है। इस नंबर पर संपर्क कर लोग विशेषज्ञों से ऑनलाइन काउंसलिंग और सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
इस अवसर पर काउंसलर संदीप कुमारी ने बताया कि नशाखोरी एक मानसिक बीमारी है जो व्यक्ति के दिमाग, शरीर और सामाजिक जीवन पर बुरा प्रभाव डालती है। उन्होंने नशाखोरी के कारणों, इसके लक्षणों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया।
काउंसलर प्रशांत आद्या ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पंजाब सरकार द्वारा हर स्वास्थ्य संस्थान में नशा मुक्ति से संबंधित सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। जिला होशियारपुर में दो नशा मुक्ति केंद्र सिविल अस्पताल होशियारपुर और दसूया में चल रहे हैं, जहां मरीजों का 15 से 21 दिन तक डिटॉक्सिफिकेशन उपचार किया जाता है। इसके बाद मरीजों को सरकारी पुनर्वास केंद्र मोहल्ला फतेहगढ़ होशियारपुर में 90 दिन तक उपचार और काउंसलिंग दी जाती है। इसके अलावा जिले में 16 नशा मुक्ति दवाई केंद्र (ओ.ओ.ए.टी. क्लीनिक) भी चल रहे हैं जहां मरीजों को नियमित रूप से दवाई और विशेषज्ञों की सलाह दी जाती है।
इस अवसर पर फैक्ट्री के कर्मचारियों को तंबाकू और अन्य नशों के नुकसान के बारे में जागरूक किया गया तथा उन्हें स्वस्थ और नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।