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पंजाब / यूटर्न / 11 मार्च। चंडीगढ़ में एसएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) कंवरदीप कौर का 3 साल का कार्यकाल 8 मार्च 2026 को पूरा हो चुका है और वह इसी बीच छुट्टी पर चली गई हैं, जिसके बाद एसएसपी का टंपरेरी चार्ज एसएसपी ट्रैफिक सुमेर प्रताप को सौंपा गया है। एसएसपी कंवरदीप कौर ने एक साल के लिए एक्सटेंशन लेने के लिए लिखकर भेजा हुआ है, लेकिन अभी तक उसकी मंजूरी नहीं मिली है। हालांकि सूत्रों से पता चला है कि एसएसपी के एक साल के एक्सटेंशन के लिए पंजाब सरकार ने एनओसी दे दी है और चंडीगढ़ प्रशासक ने भी मंजूरी दे दी है। एमएचए की ओर से भी एसएसपी की फाइल को मंजूरी मिल चुकी है और अब फाइल प्रधानमंत्री की टेबल पर पड़ी है। अब देखना है कि वहां से मंजूरी कब मिलती है। यूटी कैडर के एसएसपी की मांग यह पहली बार नहीं है जब यूटी कैडर के एसएसपी की मांग सामने आई हो। पिछले गवर्नर के कार्यकाल के दौरान भी गुड गवर्नेंस और अधिकारियों के बीच खींचतान को खत्म करने के लिए गृह मंत्रालय को चिट्ठी भेजी गई थी। उस समय भी साफ तौर पर कहा गया था कि चंडीगढ़ में एसएसपी के पद पर यूटी कैडर का ही अधिकारी लगाया जाना चाहिए। डिस्टर्ब एरिया का टैग हटा चंडीगढ़ से डिस्टर्ब एरिया का कलंक हटे कई साल हो चुके हैं। तभी से एसएसपी के पद पर पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारियों की तैनाती होती आ रही है। जबकि हकीकत यह है कि यह पद न तो 60-40 के किसी फॉर्मूले का है और न ही इस पर किसी राज्य का अधिकार है। आतंकवाद के दौर में चंडीगढ़ को डिस्टर्ब एरिया घोषित किया गया था। उस समय खालिस्तानी आतंकवाद से निपटने के लिए पहली बार पंजाब कैडर के आईपीएस सुमेध सिंह सैनी को यहां तैनात किया गया था। उससे पहले चंडीगढ़ में एसएसपी की जिम्मेदारी यूटी कैडर के आईपीएस अधिकारी ही संभालते थे। सैनी के तबादले के बाद से लगातार पंजाब कैडर के अधिकारी ही एसएसपी बनाए जाते रहे।