लुधियाना का नामी बिल्डर है घोटाले का मास्टरमाइंड
पंजाब/यूटर्न/8 मार्च। खरड़ की लांडरा रोड के संतेमाजरा में पंजाब के नामी बिल्डर द्वारा एससीओ बनाने की आड में बड़ा खेल कर डाला गया। आरोप है कि बिल्डर द्वारा 9 एससीओ बनाने के लिए नक्शे पास करवाए गए। लेकिन उसकी और से नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नक्शे से उल्ट मनमर्जी से एससीओ का अवैध निर्माण कर डाला गया। यहीं नहीं बिल्डर द्वारा दस्तावेज में सभी एससीओ की लोकेशन जहां बताई गई है, वहां पर वे मौजूद ही नहीं थे। धोखाधड़ी के इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड लुधियाना का एक बिल्डर है। इस हेरफेर का पता चलने के तुरंत बाद नगर कौंसिल खरड़ की और से नोटिस जारी करके बिल्डर से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है। जवाब न देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। वहीं नगर कौंसिल द्वारा सभी एससीओ का निर्माण कार्य भी रोक दिया है। जानकारी के अनुसार खरड़ की लांडरा रोड पर फ्यूचर सिटी डेवलपर्स प्रा. लि. और लुधियाना बाड़ेवाल रोड स्थित राजगुरु नगर के मलकीत एवेन्यू के रहने वाले बिल्डर दीपक गर्ग की और से कासा होम्स नाम के कॉलोनी डेवलप की गई है। दीपक गर्ग की और से कासा होम्स के नजदीक ही 9 एससीओ बनाए जा रहे हैं। जिसके निर्माण में हेरफेर किया गया है।
2018 में खरीदे गए थे कमर्शियल प्लॉट
नगर कौंसिल द्वारा जारी नोटिस में उन्होंने बताया कि फ्यूचर सिटी डेवलपर्स प्रा. लि. और बिल्डर दीपक गर्ग की और से 9 कमर्शियल प्लॉट का फरवरी 2018 में सौदा किया था। जिसके बाद सब रजिस्टरार ने इसे वेरिफाई किया। फ्यूचर सिटी फर्म द्वारा फरवरी 2024 में दो कनाल सात मरले दीपक गर्ग को बेच दिए गए। दीपक ने जमीन के दो हिस्से करके 8.3 मरले कमलेश रानी और 16.82 मरले रुचिता गर्ग के नाम ट्रांसफर कर दिए। बाकी की एक कनाल 1.85 मरले अपने नाम पर रख लिए। फिर नायब तहसीलदार खरड़ द्वारा रेवेन्यू संबंधी सितंबर 2025 में रिपोर्ट जारी की गई।
रेवेन्यू विभाग की रिपोर्ट मुताबिक किए थे नक्शे पास
दीपक गर्ग द्वारा कासा होम्स के नजदीक एससीओ नंबर 1 से लेकर 9 तक का नक्शा पास करने के लिए ई पोर्टल पर अप्लाई किया गया। जिसके बाद नगर कौंसिल खरड़ की और से रेवेन्यू विभाग की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए नक्शे पास किए गए थे।
नक्शे के उल्ट निर्माण, लोकेशन भी निकली गलत
वहीं नगर कौंसिल अधिकारियों का आरोप है कि उनकी टीम द्वारा मौके पर जाकर जांच की गई। जहां पता चला कि सभी एससीओ के पास हुए नक्शों से उल्ट अवैध तरीके से निर्माण किया जा रहा था। यहीं नहीं दीपक गर्ग द्वारा नक्शे में जो लोकेशन प्लान बताया गया हैं, वहां पर एससीओ है ही नहीं थे। जबकि एससीओ दूसरी जगह पर बनाए जा रहे थे। जिससे पता चला कि दीपक गर्ग द्वारा झूठ बोलकर व सरकारी विभागों को गुमराह करके एससीओ बनाए जा रहे थे।
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