फर्जी शादी कर विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का आरोप ,थाना सुधार पुलिस ने दर्ज किया तीसरा केस
-चरणजीत सिंह चन्न-
जगरांव/यूटर्न/5/मार्च। पुलिस जिला लुधियाना देहाती के थाना सुधार में तैनात पुलिस अधिकारी मनोहर लाल के साथ ठगी करने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ पुलिस ने एक और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि ट्रैवल एजेंट युवकों को विदेश भेजने का झांसा देकर उनकी फर्जी शादी करवाते थे और इस बहाने उनसे लाखों रुपये की ठगी करते थे।
क्या था पूरा मामला:-मामला उस समय सामने आया जब पुलिस अधिकारी के बेटे से ठगी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इसके बाद गांव घुनेवाल निवासी चरणजीत सिंह भी अपनी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच गया और उसने भी उन्हीं आरोपियों पर इसी तरह ठगी करने का आरोप लगाया। पुलिस को दी शिकायत में चरणजीत सिंह पुत्र तारा सिंह निवासी गांव घुनेवाल, तहसील जगराओं, जिला लुधियाना ने बताया कि लखवीर सिंह निवासी मुल्लांपुर, जिसका दफ्तर सेफ कंसलटेंट नई आबादी अकालगढ़, पालिका बाजार में है, और उसकी साथी रीना रानी निवासी अबुवाल रोड, नई आबादी अकालगढ़ ट्रैवल एजेंट का काम करते हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया कि वे उसकी फर्जी शादी करवा कर उसे विदेश भेज देंगे, जिसके लिए करीब 45 लाख रुपये खर्च आएगा। आरोपियों की बातों में आकर उसने इस प्रस्ताव को मान लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसकी शादी एक ऐसी लड़की से करवा दी, जिसे वह पहले से जानता भी नहीं था।
पीड़ित का आरोप है कि उसने आरोपियों को 35 लाख रुपये दे दिए, जबकि बाकी 10 लाख रुपये विदेश पहुंचने के बाद देने की बात तय हुई थी। लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बावजूद न तो उसे विदेश भेजा गया और न ही उसके पैसे वापस किए गए। चरणजीत सिंह का कहना है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने उसे ही परेशान करने के लिए उसके खिलाफ अदालत में केस दायर कर दिया।
मामले की जांच के बाद थाना सुधार पुलिस ने आरोपी लखवीर सिंह और रीना रानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों के खिलाफ पिछले तीन दिनों में यह तीसरा मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस को शक है कि ट्रैवल एजेंटों ने इसी तरह कई युवकों को विदेश भेजने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने लोग इस गिरोह का शिकार बन चुके हैं।