ddos for hiredstatdstat l4주소모음스포츠중계토토사이트여기여주소모음스포츠중계토토사이트배팅의민족여기여bulk Ahrefs DR checker스포츠중계뉴토끼토토사이트누누티비여기여토토커뮤니티주소모음ipstresserip stressercasibomcasibomjojobetjojobet
डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट से बदली तस्वीर, चंडीगढ़ में शिकायतों में 53% की गिरावट - Uturn Time
Uturn Time
Breaking
Chandigarh: चंडीगढ़ में जुटेंगे ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य दिग्गज, 22 से 24 जुलाई तक होगा अंतरराष्ट्रीय हेल्थ सम्मेलन New Delhi: पाकिस्तान को भारत का स्पष्ट जवाब, 'आतंक और सिंधु जल संधि साथ-साथ नहीं चल सकते' New Delhi: दिल्ली रूट पर रेल संचालन बाधित, मालगाड़ी हादसे के बाद कई ट्रेनों का शेड्यूल बदला Indore: नशामुक्त भारत का बुलंद संदेश, इंदौर में हजारों लोगों ने एक साथ बनाईं मानव श्रृंखला Ludhiana: लैब में बंद कर छात्र को पीटने का आरोप, तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में कराया भर्ती Phagwara: एलएडीसी नीति के विरोध में फगवाड़ा बार की हड़ताल 14वें दिन भी जारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी Chandigarh: दिल्ली में कांग्रेस की शक्ति परीक्षा, क्या एक मंच पर आएंगे राजा वड़िंग और चन्नी गुट? New Delhi: छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, आप ने कहा- दमन से नहीं थमेगा विरोध, सरकार करे संवाद Chandigarh: दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को मिलेगा नया आधार, सरकार ने 1093 विशेष शिक्षक पदों को दी मंजूरी सुबह-सुबह 8 से 10 गाड़ियों में पहुंची सेंट्रल जीएसटी की टीमें, सुधीर फोर्जिंग में दस्तावेजों की जांच शुरू Chandigarh: हरियाणा में आयुष सेवाओं को मिलेगा विस्तार, हिसार आयुष अस्पताल अगस्त 2026 तक होगा शुरू Shimla: हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 5,600 से अधिक पदों पर होगी भर्ती; आशा वर्करों और शिक्षकों को भी राहत
Logo
Uturn Time
डिजिटल ट्रैफिक मैनेजमेंट से बदली तस्वीर, चंडीगढ़ में शिकायतों में 53% की गिरावट अजीत झा. चंडीगढ़ 31 Dec । ट्रैफिक पुलिस द्वारा अपनाई गई डिजिटल तकनीक अब जमीन पर असर दिखाने लगी है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत मैनुअल चालान व्यवस्था को लगभग समाप्त कर ई-चालान और ऑटोमेटेड सिस्टम लागू किए जाने से न केवल ट्रैफिक नियमों का पालन बेहतर हुआ है, बल्कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज होने वाली शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में ट्रैफिक पुलिस से जुड़ी शिकायतों में करीब 53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन सिस्टम और स्पीड मॉनिटरिंग डिवाइस के जरिए अब नियम तोड़ने वालों की पहचान पूरी तरह तकनीकी आधार पर हो रही है। इससे सड़क पर चालान के दौरान होने वाले विवाद और पक्षपात के आरोपों पर काफी हद तक लगाम लगी है। ई-चालान के साथ फोटो और वीडियो प्रमाण मिलने से वाहन चालकों को भी नियम उल्लंघन को लेकर स्पष्ट जानकारी मिल रही है। ऑनलाइन जांच और भुगतान सुविधा ने पूरी चालान प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बना दिया है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इस सिस्टम से न केवल समय की बचत हुई है, बल्कि लोगों का भरोसा भी बढ़ा है और नियमों के पालन की प्रवृत्ति में सुधार देखा जा रहा है। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस ने अपने कर्मियों के व्यवहार और संवाद कौशल को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया है। सेक्टर-29 स्थित ट्रैफिक ऑडिटोरियम में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 350 से अधिक पुलिसकर्मियों को जनता से शालीन और सहयोगात्मक व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सड़क सुरक्षा को लेकर भविष्य की पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से स्कूल स्तर पर भी पहल की गई है। शहर के 187 सरकारी और निजी स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब गठित किए गए हैं, जिनसे जुड़े 3,786 छात्र ‘रोड सेफ्टी एंबेसडर’ के रूप में अपने आसपास सुरक्षित यातायात का संदेश दे रहे हैं। नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के लिए लंबित चालानों के ऑनलाइन निपटारे की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। लाखों कंपाउंडेबल और नॉन-कंपाउंडेबल चालानों को वर्चुअल कोर्ट और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया है। चालकों को एसएमएस के जरिए रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं, जिससे अदालतों पर बोझ कम हुआ है और मामलों का तेजी से निपटारा हो रहा है। कुल मिलाकर डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में उठाए गए इन कदमों से चंडीगढ़ में ट्रैफिक प्रबंधन की तस्वीर बदलती नजर आ रही है।