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शहर की पार्किंग साइटों का टेंडर लगाने का मामला - Uturn Time
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हेडिंग --- क्या इस बार निगम कमिश्नर व मेयर फेल कर सकेगें ठेकेदारों और भ्रष्ट अफसरों की चाल, सांठगांठ में जुटे राजदीप सिंह सैनी लुधियाना/यूटर्न/31 दिसंबर। लुधियाना की फिरोजगांधी मार्केट समेत कई पार्किंग साइटों का जल्द टेंडर लगने की संभावनाएं हैं। वैसे तो मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर द्वारा 21 दिसंबर को दावा किया था कि आने वाले एक हफ्ते तक टेंडर लग जाएगा। लेकिन अभी तक टेंडर की प्रक्रिया शुरु होने की कोई बात सामने नहीं आई है। जिसके चलते अभी असंमजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं चर्चा है कि हर बार कुछ भ्रष्ट अफसरों द्वारा आपसी मिलीभगत करके पार्किंग ठेके अपने चहेते ठेकेदारों को ही दिलाए जाते हैं। जिसके चलते उनकी और से जानबूझकर टेंडर की शर्तें ही इस मुताबिक रखी जाती है, कि उन शर्तों को 1-2 ठेकेदार ही पूरा कर पाते हैं। जिसके चलते घुमकर वह ठेका भ्रष्ट अफसरों के साथ सेटिंग करने वाले ठेकेदारों को मिल जाता है। इस बार भी चर्चा है कि मेयर के इस ऐलान के बाद ठेकेदार और भ्रष्ट अधिकारी आपसी सांठगांठ में जुट गए हैं। उनकी तरफ से सेटिंग की जा रही है कि आखिर किस तरीके से ठेके चुनिंदा ठेकेदारों को ही दिलाए जा सके। वहीं अब देखना होगा कि क्या नगर निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल और मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर इन ठेकेदारों और भ्रष्ट अफसरों की चाल को फेल कर पाते हैं या नहीं। क्योंकि इस बार सभी की नजर इन पार्किंग टेंडरों पर ही टिक्की हुई है। टेंडर में क्लॉज में हेरफेर होने की चर्चाएं चर्चा है कि पार्किंग टेंडर पसंदीदा ठेकेदारों को दिलाने के पीछे एक बड़ी साजिश रची जाती है। जिसमें कुछ टेंडर तैयार करने वाले कुछ भ्रष्ट अफसरों द्वारा टेंडर में हेरफेर करके ऐसे क्लॉज डाल दिए जाते हैं, जो चुनिंदा ठेकेदार ही पूरे कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर जैसे कि अकाउंट में पक्के पैसे या फिर सबसे पुराना ठेकेदार या सबसे ज्यादा एक्सप्रियस वाला ठेकेदार। इसी तरह के कई और क्लॉज डाल दिए जाते हैं। जिस कारण इसे ज्यादातर ठेकेदार पूरा नहीं कर पाते और टेंडर उन्हें नहीं मिल पाता। इस बार भी इसी तरह हेरफेर करने की तैयारी है। सभी को मिलना चाहिए मौका वहीं शहर में चर्चा छिड़ गई है कि फिरोजगांधी मार्केट हो चाहे माता रानी चौक की मल्टीस्टोरी पार्किंग या डीसी ऑफिस की मल्टीस्टोरी पार्किंग हो, हर बार टेंडर एक ही ठेकेदारों को क्यों मिलता है। ठेकेदार वहीं रहते हैं, बस साइटें बदल जाती है। जिसके चलते इसके लिए सभी को मौका मिलना चाहिए, ताकि बाकी ठेकेदार भी अपना घर चला सके। 10 प्रतिशत बढ़ाकर तीन साल से एक्सटेंड हो रहा टेंडर वहीं बता दें कि फिरोजगांधी मार्केट शहर की पहली और सबसे बड़ी व्यापारिक मार्केट है। जहां पर रोजाना हजारों लोग आते हैं। जिसके चलते सबसे ज्यादा पार्किंग में मुनाफा भी यहीं पर होने की चर्चा है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि फिर भी पिछले तीन साल से इस पार्किंग साइट का टेंडर नहीं लग रहा। पिछले तीन साल से हर बार मात्र 10 प्रतिशत रेट बढ़ाकर टेंडर को एक्सटेंड किया जा रहा है। जिससे निगम अफसरों द्वारा सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। क्या फिरोजगांधी मार्केट में शर्तों में बचाए जा सकेगें फुटपाथ ? पिछली बार जब फिरोजगांधी मार्केट का टेंडर हुआ था तो यह बात सामने आई थी कि निगम अफसरों ने शर्तों में हेरफेर करके फुटपाथ भी टेंडर में लिखवा दिए थे। चर्चा है कि शर्तों में लिखा था कि सड़क की दोनों तरफ टेंडर में है। जिसके चलते ठेकेदार द्वारा फुटपाथ भी टेंडर के बीच में ही समझकर वहां पार्किंग लगवानी शुरु कर दी थी। लोगों ने रेहड़ियां लगाकर कब्जे कर लिए। अब देखना होगा कि मेयर व निगम कमिश्नर द्वारा फुटपाथ बचाए जा सकेगें या फिर से अफसरों द्वारा उन्हें हेरफेर करके टेंडरों में लिखवा दिया जाएगा। ---