16 मार्च को दो सीटों के लिए होगी टक्कर, भाजपा और कांग्रेस की रणनीति पर सबकी नजर*
चंडीगढ़ 03 March । हरियाणा में राज्यसभा चुनाव का माहौल तेज हो गया है। भाजपा ने अपने पूर्व सांसद **संजय भाटिया** को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। 2019 में करनाल से बड़ी जीत दर्ज करने वाले भाटिया अब दो सीटों की जंग में भाजपा की उम्मीदों की नींव हैं। उनका लोकसभा टिकट 2024 में कट गया था, लेकिन संगठन में सक्रिय रहने वाले भाटिया अब फिर से सत्ता की बड़ी बारी में हैं।
भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बार की जंग **सिर्फ उम्मीदवारों की नहीं, बल्कि वोटों के गणित की भी है**। हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वैध वोट हैं – भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2। जीत का कोटा 31 वोट। पहले राउंड में भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने उम्मीदवारों को जीताने के लिए रणनीति बना रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, पहले उम्मीदवार के लिए भाजपा के पास आसान जीत का रास्ता है। लेकिन दूसरी सीट के लिए भाजपा को **क्रॉस वोट** लेने होंगे। शेष वोटों के गणित के हिसाब से भाजपा को कम से कम 9 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे, ताकि उनकी दूसरी उम्मीदवार भी जीत सके।
संजय भाटिया की पृष्ठभूमि भी खास है। वे पानीपत के मॉडल टाउन के निवासी हैं और कॉलेज के दिनों से ही **ABVP** से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भाजपा युवा मोर्चा में महत्वपूर्ण पद संभाले और हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा था।
राजनीतिक हलकों में यह कहा जा रहा है कि इस चुनाव का परिणाम **भाजपा और कांग्रेस की हरियाणा रणनीति पर नई बहस छेड़ेगा**, और संगठनात्मक शक्ति और क्रॉस वोटिंग की भूमिका चुनावी नतीजों में निर्णायक साबित होगी।
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