लुधियाना/यूटर्न/2 मार्च। अमेरिका-इजरायल और ईरान में लगातार जंग चल रही है। वहीं इस बीच ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर भी बमबारी कर दी गई है। लगातार संयुक्त अरब अमीरात के कई शहरों में बमबारी से भारी नुकसान हो रहा है। हालांकि इसमें से कुछ हमलों को तो अमीरात रोकने में कामयाब रहा, लेकिन उससे ज्यादा नुकसान झेल रहा है। बता दें कि पिछले 10 सालों के दौरान निवेशकों के लिए यूएई पहली पसंद बन गया था। जहां पर निवेश के लिए अच्छी स्कीमें और सबसे कड़े सुरक्षा प्रबंध होने के चलते इन्वेस्टमेंट धड़ल्ले से हुई। लेकिन इन हमलों ने सुरक्षा प्रबंधों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों को डर सताने लग गया है कि वह यूएई में रह रहे हैं और उक्त कंट्री की बिना किसी से जंग के बावजूद वहां मिसाइलें दागी जा रही है, तो आगे जाकर और भी भारी नुकसान हो सकता है। जिसके चलते कहीं न कहीं निवेशकों के पैर डगमगाने लग गए हैं। वह अब अपना पैसा समेटने में लग गए हैं। वहीं चर्चाएं हैं कि इन हमलों के बाद अब निवेशकों द्वारा वहां से प्लान करने का मन बना लिया है। जिसके चलते निवेशक अब नई सेफ कंट्री की तलाश में लग गए हैं।
ईरान ने इन देशों को बनाया निशाना
वहीं ईरान द्वारा अमेरिका औ इजरायल से यूद्ध के दौरान कई और देशों को भी निशाना बना डाला है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इस संबंधी अपना बयान जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि ईरान ने जिन देशों को निशाना बनाया, उनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात के दुबई समेत कई देश, क़तर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन शामिल हैं।
हर देश के टॉप 100-200 लोग इन्वेस्टमेंट को देते थे पहले
बता दें कि पिछले 10 सालों के दौरान यूएई ने काफी तेजी के साथ तरक्की की। दुनिया के हर देश के टॉप 100-200 लोग अपनी इन्वेस्टमेंट को यूएई में इन्वेस्ट कर रहे थे। धीरे धीरे यह उन टॉपर्स की पहली पसंद बन गया। जिसके चलते वह एक फाइनेंशियल हब बन गया था।
टैक्स में राहत और सुरक्षा इन्वेस्टमेंट का अहम कारण
वहीं चर्चाएं हैं कि यूएई और अरब देशों में इन्वेस्टमेंट का सबसे बड़ा कारण यह था कि वहां पर टैक्स में काफी राहत दी जाती थी। इन्वेस्टमेंट करने पर अच्छा रिफंड था। वहीं सबसे अहम कारण सुरक्षा मानी जाती थी। कहा जाता था कि यूएई और अरब देशों में अगर कोई क्राइम करता है तो अपराधी को सख्त सजा मिलती है। जिसके चलते वहां क्राइम ग्राफ काफी कम है। ऐसे में अब सीधे मिसाइलें आने के कारण सुरक्षा प्रबंधों की पोल खुल गई।
दूसरी कंट्रियों को मिल सकता है फायदा
जहां बाकी कंट्रियों में लोग जॉब के लिए जाते हैं, वहीं यूएई में इन्वेस्टमेंट करने जाते थे। इन हमलों के बाद निवेशकों में घबराहट का माहौल है। वहीं निवेशक अपनी इन्वेस्टमेंट खतरे में नहीं डाल सकता। ऐसे में अब वह या तो अपनी कंट्री में वापिस जाकर इन्वेस्टमेंट करेगें या किसी दूसरी कंट्री का रुख करेगें। लेकिन कुल मिलाकर अपनी दूसरी कंट्रियों को इसका फायदा मिल सकता है।
अभिनेताओं व सिंगर्स की पहली पसंद बना था यूएई
वहीं, अभिनेताओं और सिंगर्स द्वारा भी भारत, कैनेडा, अमेरिका, अस्ट्रेलिया, यूके, न्यूजीलैंड जैसे देशों को छोड़कर यूएई को पहल दी जा रही थी। उनकी और से वहां पर करोड़ों की प्रॉपर्टियां खरीदी जा रही थी। जिसमें बालीवुड के शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, सलमान खान समेत कई बड़े स्टार शामिल हैं। यहां तक कि पंजाबी सिंगर करन औजला पर भी कैनेडा में हमले होने के बाद उन्होंने यूएई का रुख किया था। उन्हें यूएई सेफ लगता है। वहीं अभिनेता और सिंगर्स घूमने के लिए भी अक्सर यूएई जाते रहते हैं। जिसके चलते अब वहां घूमने गए पंजाबी सिंगर एम्मी विर्क का परिवार, बॉलीवुड अभिनेत्री नर्गिस फाकरी समेत कई लोग वहां फंस गए हैं।