‘मैं लॉरेंस को जानता ही नहीं’, चश्मदीद गवाह बयान से पलटा
अजीत झा.
चंडीगढ़ 28 Feb । सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज से जुड़े 14 साल पुराने मारपीट और हत्या के प्रयास के बहुचर्चित मामले में सुनवाई के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जिला अदालत में चल रहे ट्रायल के बीच एक अहम चश्मदीद गवाह अपने पहले दिए बयान से मुकर गया है।
शिकायतकर्ता का साथी और प्रत्यक्षदर्शी बताए गए नवनीत सिंह ने अदालत में स्पष्ट कहा कि वह गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को न तो जानता है और न ही पहचानता है। गवाह के इस रुख से अभियोजन पक्ष को झटका लगा है और केस ने नया मोड़ ले लिया है।बचाव पक्ष के अधिवक्ता हरीश भारद्वाज के अनुसार आरोपी की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करवाई गई।
कई आरोपी पहले ही हो चुके बरी
इस मामले में पहले ही सबूतों के अभाव और गवाहों के बयान से मुकर जाने के चलते निचली अदालत छह आरोपि अमनदीप सिंह, मुल्तानी, तरसेम सिंह और रणजोत सिंह समेत अन्य को बरी कर चुकी है। अब केस में केवल लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ ही ट्रायल जारी है।
उसे पूर्व में अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ आरोप तय किए गए थे, जिसके बाद से मामले में सुनवाई चल रही है।
स्टार नाइट में भड़का था विवाद
घटना वर्ष 2012 की है, जब पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति से जुड़े दो गुटों के समर्थकों के बीच विवाद हुआ था। शिकायतकर्ता अंकित ग्रोवर के मुताबिक वह अपने साथियों के साथ पंजाब यूनिवर्सिटी गए थे, जहां पूसू (पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन) के नेता जीवनजोत चहल को चेयरमैन घोषित किया गया था।
इसके बाद सभी सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज में आयोजित ‘स्टार नाइट’ कार्यक्रम में पहुंचे। आरोप है कि वहां दूसरे गुट के छात्रों ने झगड़ा शुरू कर दिया। इस दौरान फायरिंग हुई और डंडों व तेजधार हथियारों से हमला किया गया। कई छात्र घायल हुए। पूसू से जुड़े चरनदेव सिंह को गोली लगने की बात भी सामने आई थी।
घटना के बाद सेक्टर-3 थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
अब चश्मदीद गवाह के बयान से पलटने के बाद यह देखना अहम होगा कि अदालत में अभियोजन पक्ष आगे क्या रणनीति अपनाता है और केस किस दिशा में बढ़ता है।