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चंडीगढ़ 28 Feb । नौ वर्ष पुराने मानहानि मामले में पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल शुक्रवार को भी जिला अदालत में पेश नहीं हुए। उन्होंने पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक का हवाला देते हुए व्यक्तिगत हाजिरी से छूट की अर्जी दाखिल की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में यह तीसरी बार है जब बादल ने पार्टी मीटिंग का कारण बताते हुए अदालत में उपस्थिति से राहत मांगी है। अदालत ने इस बार भी छूट देते हुए उन्हें अगली तारीख पर अनिवार्य रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। पहले जारी हो चुके हैं वारंट गौरतलब है कि 17 दिसंबर 2025 को गैरहाजिरी के चलते अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। इसके बाद 17 जनवरी को उन्होंने अदालत में सरेंडर कर जमानत प्राप्त की थी। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि बादल को जरूरी राजनीतिक कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली जाना पड़ा, जिसके कारण वह पेशी पर उपस्थित नहीं हो सके। 2017 में दर्ज हुआ था केस यह मामला वर्ष 2017 का है, जब धार्मिक संगठन ‘अखंड कीर्तनी जत्था’ के प्रवक्ता राजिंदर पाल सिंह ने बादल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। आरोप है कि सुखबीर बादल ने संगठन के खिलाफ मीडिया में कथित तौर पर विवादित बयान दिए थे, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।अब अदालत में इस मामले की सुनवाई जारी है और सभी की नजर अगली तारीख पर टिकी हुई है।