अजीत झा.
चंडीगढ़ । ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं में धांधली के मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाना चंडीगढ़ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कोस्ट गार्ड परीक्षा सहित अन्य ऑनलाइन परीक्षाओं में अनियमितताओं से जुड़ा है।
यह केस एफआईआर नंबर 56, दिनांक 29 मार्च 2022 के तहत थाना सेक्टर-34 में आईपीसी की धाराएं 409, 420, 120-बी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में दर्ज किया गया था। कार्रवाई एसपी साइबर गीतांजलि खंडेलवाल के नेतृत्व में, डीएसपी साइबर ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर इरम रिजवी की निगरानी में की गई।पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान हरियाणा के कैथल निवासी पवन के रूप में हुई |
ऐसे हुआ खुलासा
मामला ब्रिटिश स्कूल के हेड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें कोस्ट गार्ड परीक्षा के दौरान गड़बड़ियों की जानकारी दी गई थी। परीक्षा संचालन का कार्य सेक्टर-34/ए स्थित एम/एस स्टेलर एज सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज को आउटसोर्स किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने परीक्षा केंद्र और आउटसोर्सिंग एजेंसी से रिकॉर्ड जुटाए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कस्टमर एप्लिकेशन फॉर्म की तकनीकी जांच से संगठित परीक्षा धांधली में शामिल संदिग्धों की पहचान हुई।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पवन सत्यवान ने परीक्षा संचालन के लिए परिसर ठेके पर लिया था। वहीं पवन कुमार ने अन्य साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन सरकारी परीक्षाओं में गड़बड़ी कराने की बात स्वीकार की। आरोप है कि वे उम्मीदवारों से मोटी रकम लेकर कंप्यूटर लैब के माध्यम से अनुचित साधनों से परीक्षा पास कराने का नेटवर्क चला रहे थे।
पुलिस ने पवन कुमार के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच में अन्य सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराते थे।
चंडीगढ़ पुलिस ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों को सचेत करते हुए कहा है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में चयन की गारंटी देने वाले व्यक्तियों या एजेंसियों के झांसे में न आएं। व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर “फिक्स सीट”, “पेपर सेटिंग” या “लीक पेपर” जैसे दावों वाले संदेश पूरी तरह फर्जी और दंडनीय अपराध हैं।पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।