पंचकूला 23 Feb : पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक व्यवसायी की गाड़ी से लाखों रुपये की नकदी चोरी करने के मामले को महज 24 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित व्यवसायी का पिछले 5 वर्षों से कार्यरत विश्वसनीय ड्राइवर ही निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई पूरी राशि बरामद कर ली है।
एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि 21 फरवरी को सेक्टर-2 पुलिस चौकी में एक व्यवसायी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, वह अपने व्यवसाय के सिलसिले में अक्सर अपनी फॉर्च्यूनर कार में नकदी रखते हैं। 16 फरवरी को उनकी गाड़ी में करीब 3 लाख रुपये रखे हुए थे, लेकिन 17 फरवरी की सुबह जब उन्होंने चेक किया तो उसमें से 1 लाख 70 हजार रुपये गायब थे। इसके अगले दिन फिर से गाड़ी से 50 हजार रुपये की चोरी हुई। इस तरह आरोपी ने कार से कुल 2 लाख 20 हजार नकदी चोरी की। सेक्टर-5 थाना में इस संबंध में चोरी का मामला दर्ज किया गया।
एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम के इंचार्ज सुनील कुमार और जांच अधिकारी एएसआई कर्मजीत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने जब तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितियों की जांच की, तो शक की सुई व्यवसायी के 45 वर्षीय ड्राइवर राजीव पर टिकी, जो मूल रूप से रोहतक के कन्हेली का रहने वाला है और वर्तमान में पंचकूला के सेक्टर-2 में ही रह रहा था। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपी राजीव को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने विश्वासघात करते हुए गाड़ी के रिमोट की एक डुप्लीकेट कॉपी बनवाई थी, जिसकी मदद से वह मौका पाकर गाड़ी खोलता और पैसे चोरी कर लेता था।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए पूरे 2 लाख 20 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। आरोपी ने शिकायतकर्ता के भरोसे का फायदा उठाते हुए बड़ी चालाकी से वारदात को अंजाम दिया, लेकिन हमारी क्राइम यूनिट ने त्वरित कार्रवाई के जरिए आरोपी को भागने का मौका नहीं दिया। हमने शत-प्रतिशत रिकवरी सुनिश्चित की है। हम नागरिकों से भी अपील करते हैं कि अपने घरेलू सहायकों या चालकों पर आंख मूंदकर विश्वास न करे साथ ही पुलिस वेरिफिकेशन भी अवश्य कराएं।