चंडीगढ़, 23 फरवरी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने जनकल्याण और वित्तीय सुदृढ़ता की दिशा में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी। कैबिनेट ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एन.एफ.एस.ए.) के तहत 40 लाख परिवारों को गेहूं के साथ दाल, चीनी, सरसों का तेल और नमक उपलब्ध कराने के लिए ऐतिहासिक ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को हरी झंडी दे दी। अप्रैल से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से यह सुविधा शुरू होगी, जिससे कमजोर वर्गों को पौष्टिक भोजन सुनिश्चित होगा।
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व लक्ष्य तय किया है, जो पिछले संशोधित लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये से 12.5% अधिक है। सरकार का अनुमान है कि पांच वर्षों में आबकारी राजस्व लगभग दोगुना हो जाएगा, जिससे जनकल्याण योजनाओं को मजबूती मिलेगी।
बाढ़ प्रभावित उन किसानों को एकमुश्त मुआवजा देने का निर्णय भी लिया गया है, जो सरकारी जमीन पर खेती कर रहे थे और 2025 की विशेष गिरदावरी में फसल नुकसान दर्ज हुआ था। यह मुआवजा मानवीय आधार पर दिया जाएगा।
इसके अलावा, सरकारी विभागों व सार्वजनिक संस्थानों के लिए ओ.टी.एस. योजना को 30 जून 2026 तक बढ़ाया गया है। वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पारदर्शी इनाम नीति को मंजूरी दी गई। 16वीं विधानसभा का बजट सत्र 6 से 16 मार्च तक होगा, जबकि 8 मार्च को बजट पेश किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में 361 स्टाफ नर्स पद पुनर्जीवित होंगे और कोविड वालंटियरों को भर्ती में आयु सीमा में छूट व अतिरिक्त अंक मिलेंगे।