लुधियाना/यूटर्न/23 फरवरी। लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में जहां पहले लोगों को काम कराना पहाड़ पर चढ़ने जैसा कठिन महसूस होता था, वहीं अब जल्द ट्रस्ट के प्रमुख कार्यों में पंजाब सरकार बड़े बदलाव करने की तैयारी में हैं। चर्चाएं हैं कि जल्द कार्यों में बदलाव करते हुए नए नियम लागू किए जा सकते हैं। इन कार्यों में एनसीएफ (नॉन कंस्ट्रक्शन फाइन) राहत, ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट स्कीम), नक्शे की कंडीशन सरल करना और प्रॉपर्टी ट्रांसफर सुविधाएं शामिल है। इस संबंधी ट्रस्ट के चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर द्वारा एक प्रपोजल बनाकर लोकल बॉडी मंत्री संजीव अरोड़ा को भेजा गया है। लेकिन अभी सरकार की मंजूरी पेडिंग है। चर्चाएं हैं कि जल्द सरकार इस सुविधाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती है। जिससे लोगों की सालों पुरानी मांगें पूरी हो सकेगीं। हालांकि चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर के इस प्रपोजल को अगर मंजूरी मिलती है, तो इससे सालों पुराने जुर्माने जमा होंगे और लोग प्रॉपर्टियों का लेनदेन करेगें। जिससे सरकारी खजाने को भारी फायदा मिलेगा।
एनसीएफ फाइन में मिलेगी राहत
जानकारी के अनुसार लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधीन आती प्रॉपर्टियों के अलॉटियों को जमीन लेने के बाद कंस्ट्रक्शन करना जरुरी होता है। लेकिन कुछ लोगों ने अपनी जमापूंजी को सेफ रखने के मकसद से प्रॉपर्टियां खरीद ली और उन पर निर्माण नहीं किया। ऐसे में उन पर एनसीएफ (नॉन कंस्ट्रक्शन फाइन) लग गया। यह फाइन हर साल बढ़ता रहता है। ऐसे में चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर द्वारा इस जुर्माने को कम करके राहत देने की मांग की है। ताकि लोग राहत मिलने के बाद अपना जुर्माना भर सकें।
विवादित मामलों में ओटीएस स्कीम हो सकती है लागू
वहीं ट्रस्ट की कई जमीनें विवादित हैं। लंबे समय से यह केस चले आ रहे हैं। प्रपोजल में ऐसे मामलों के लिए ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम एक बार लागू करने की मांग की गई है। ताकि विवादित मामलों को सुलझाया जा सके। इससे लोगों को भी राहत मिलेगी।
नक्शे के नियमों को सरल करना
वहीं ट्रस्ट की जमीनों में लोगों ने सालों से अपने घर और बड़ी बड़ी कोठियां बना रखी है। जहां बिजली बिल, वाटर और सीवरेज सप्लाई तो हैं, लेकिन लोगों के पास इनमें से कई के बिल नहीं होते। ऐसे में जब वह घर को तोड़ने या नया नक्शा बनवाने के लिए ट्रस्ट के पास आते हैं, तो रिकॉर्ड में उनकी प्रॉपर्टी नहीं दिखाई देती। जिस पर ट्रस्ट द्वारा कंडीशन मुताबिक पुराने बिल मांगे जाते हैं। मगर किसी के पास कई साल पुराना बिजली बिल, किसी के पास वाटर और किसी के पास सीवरेज बिल नहीं होता। जिसके चलते तीनों में से एक कंडीशन हटाने की मांग की गई है।
रजिस्ट्रियों की जगह ट्रांसफर को मिले मंजूरी
वहीं इसी के साथ साथ ट्रस्ट की जमीनें अगर अलॉटियों द्वारा आगे बेचनी हो तो उन्हें रजिस्ट्री करवानी पड़ती है। जिससे लाखों रुपए खर्च पड़ जाता है। ऐसे में 2021 से लोगों की मांग है कि रजिस्ट्री की कंडीशन को हटाया जाए। ट्रस्ट द्वारा तैयार किए प्रपोजल के मुताबिक रजिस्ट्री के नियम को हटाकर सीधे ट्रांसफर नियम लागू किया जाए। हर प्रॉपर्टी के एरिया मुताबिक कम से कम ट्रांसफर फीस रख दी जाए। जिससे लोगों को राहत मिलेगी और सरकारी खजाने में भी पैसा आएगा।
जनता को सुविधाएं देना हमारी पहल
वहीं लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर ने कहा कि एनसीएफ, ओटीएस, नक्शे के नियम सरल करना और प्रॉपर्टी ट्रांसफर समेत कई मामलों में लोगों को राहत देने के लिए प्रपोजल तैयार कर सरकार को भेजा गया है। इससे लोगों की सालों पुरानी समस्याएं तो हल होंगी ही, इसी के साथ सरकारी खजाने भी भरेगें। आप सरकार का मुख्य मकसद जनता को सुविधाएं देना है। उसी तर्ज पर यह कार्य किए जा रहे हैं।
मंत्री अरोड़ा दे सकते हैं लोगों को बड़ी राहत
लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ज्यादातर प्रॉपर्टियां हल्का वेस्ट में मौजूद है। वहीं मंत्री संजीव अरोड़ा इसी हल्के से विधायक है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जैसे पहले मंत्री अरोड़ा द्वारा लोगों को राहत देते हुए कई स्कीमें सरल की गई और नए प्रोजेक्ट्स लाए गए हैं। उसी तर्ज पर ट्रस्ट से जुड़े लोगों की इन दिक्कतों को भी वह पहल के आधार पर दूर करेगें। क्योंकि हल्का वेस्ट में पिछले कई सालों में कई पार्टियों के लीडर विधायक रहे। लेकिन किसी ने लोगों की सालों से चली आ रही यह समस्याएं हल नहीं की। ऐसे में अब लोगों को मंत्री अरोड़ा से उम्मीदें जागी हैं।
---