चोर व स्क्रैप डीलर (कबाड़ी) दोनों को चोरी के सामान की बरामदगी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पंचकूला 17 Feb : पंचकूला पुलिस ने सिविल अस्पताल सेक्टर-6 परिसर में यूपीएस बैटरियां चोरी करने वाले गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा उनकी निशानदेही पर चोरीशुदा 36 बैटरियां बरामद की हैं।
इस संबंध में राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान सेक्टर-6 पंचकूला से प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-7 पंचकूला में 5 फरवरी को धारा 305, 331(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि सिविल अस्पताल परिसर स्थित कार्यालय के UPS से 120AH की अमरॉन कंपनी की बैटरियां 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 के बीच चोरी हो गई थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी दिनेश कुमार के दिशानिर्देश में एसएचओ थाना सेक्टर-7 इंस्पेक्टर राजेश जाखड़ के नेतृत्व में मुख्य सिपाही अमनदीप सिंह की टीम ने तकनीकी जांच व गुप्त सूचना के आधार पर दिनांक 14 फरवरी को आरोपी सन्नी पुत्र नरेश कुमार निवासी गांव किवाना, जिला पानीपत (हाल निवासी कमांड अस्पताल चंडीमंदिर, पंचकूला) को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की गई बैटरियां मोहन नामक कबाड़ी को बेच दी थीं।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने मोहन पुत्र मनी राम निवासी गांव सिंधनी जिला सुलतानपुर (यू.पी.), (हाल निवासी मोली जागरा, चंडीगढ़) को गिरफ्तार किया तथा अभियोग में धारा 317(2) बीएनएस जोड़ी गई। आरोपी मोहन के खुलासे के आधार पर 16 फरवरी को एमडीसी पंचकूला क्षेत्र में झाड़ियों से चोरीशुदा 36 बैटरियां बरामद की गईं।
दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां दोनों आरोपियों को 1-1 दिन के पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया तथा आरोपी सन्नी के खिलाफ पहले चोरी का मामला दर्ज है।
डीसीपी पंचकूला श्रीमती सृष्टि गुप्ता ने कहा कि “पंचकूला पुलिस अपराधों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर कार्य कर रही है। सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा चोरीशुदा संपत्ति बरामद की गई। भविष्य में भी ऐसे अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।”
पंचकूला पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।