चंडीगढ़, 15 फरवरी ।
चंडीगढ़ में जल्द ही पहला सैनिक स्कूल शुरू हो सकता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी देने का भरोसा दिया है। अंतिम स्वीकृति अब रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सोसाइटी से मिलनी बाकी है।
राज्यपाल कटारिया ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री से मुलाक़ात कर प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल खुलने से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देश सेवा की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। एंटी-ड्रोन सिस्टम को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
GMSSS-23 में प्रस्तावित स्कूल
सैनिक स्कूल सेक्टर-23 स्थित GMSSS के 16 एकड़ परिसर में प्रस्तावित है। 21 नवंबर 2025 को मूल्यांकन समिति ने स्कूल का दौरा कर इंफ्रास्ट्रक्चर, शैक्षणिक तैयारी और प्रशासनिक व्यवस्था का निरीक्षण किया। प्रस्ताव को तकनीकी रूप से संतोषजनक पाया गया।
यूटी शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी ने बताया कि अब अंतिम मंज़ूरी का इंतज़ार है।
प्रवेश और ढांचा
* प्रवेश कक्षा VI और IX में होगा
* एडमिशन ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम (NTA) के माध्यम से
* स्कूल पूरी तरह रेजिडेंशियल होगा
* CBSE पाठ्यक्रम के साथ मिलिट्री ट्रेनिंग और लीडरशिप मॉड्यूल
* प्रति कक्षा 40 से 80 विद्यार्थियों का प्रवेश
* 17 शिक्षण पद स्वीकृत
प्रक्रिया की टाइमलाइन
* 15 जून 2025: फीज़िबिलिटी कमिटी का गठन
* 11-12 जुलाई 2025: ऑनलाइन और औपचारिक आवेदन
* 21 नवंबर 2025: मूल्यांकन दौरा
* फरवरी 2026: रक्षा मंत्री ने मंज़ूरी का भरोसा दिया
मंज़ूरी मिलने के बाद चंडीगढ़ सैनिक स्कूल नेटवर्क से जुड़ जाएगा और छात्रों को सैन्य व नेतृत्व आधारित शिक्षा का नया अवसर मिलेगा।