चंडीगढ़, 27 दिसंबर : पंजाब में बिजली कनेक्शन अब और अधिक सरल, तेज़ और उपभोक्ता-अनुकूल हो गया है। राज्य के बिजली, उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन एवं एनआरआई मामलों के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान बिजली विभाग ने विश्वसनीय आपूर्ति, आधुनिक अवसंरचना और उपभोक्ता सेवा सुधारों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
अब पीएसपीसीएल बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के बिजली कनेक्शन जारी करेगा, केवल आवेदक द्वारा अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने की शर्त होगी। आवेदन प्रक्रिया सरल और रिकॉर्ड डिजिटलीकृत किए जा रहे हैं। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देने के लिए अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए टेस्ट रिपोर्ट या सत्यापन की शर्त समाप्त कर दी गई है। एलटी श्रेणी में 50 किलोवाट तक लोड के लिए नए कनेक्शन या अतिरिक्त लोड हेतु अब किसी लाइसेंसधारी ठेकेदार की रिपोर्ट की आवश्यकता नहीं होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि लटकते तारों को सीधा करना, खंभों की संख्या कम करना और सौंदर्यीकरण के लिए विशेष परियोजना चल रही है। नई केबलें, वितरण बॉक्स और ट्रांसफॉर्मर उन्नयन के साथ यह परियोजना 86 सब-डिवीजनों तक फैलायी जा रही है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा जारी है, जिससे लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं के बिल शून्य रह रहे हैं। कृषि क्षेत्र को धान सीजन में प्रतिदिन 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली मिली, और औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई कटौती नहीं लगी।
‘रोशन पंजाब’ योजना के तहत ₹5,000 करोड़ का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर अभियान चल रहा है। योजना में 70 नए सब-स्टेशन, 200 मौजूदा सब-स्टेशनों का उन्नयन, 25,000 किलोमीटर से अधिक लाइन नेटवर्क का विस्तार, 2,000 नए फीडर जोड़ना, 3,600 नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित करना और 4,300 पुराने ट्रांसफॉर्मरों का उन्नयन शामिल है। इससे वोल्टेज स्थिर रहेगा और स्थानीय खराबियों में कमी आएगी।
औद्योगिक उपभोक्ताओं को 15 दिनों में अतिरिक्त 10 प्रतिशत कॉन्ट्रैक्ट डिमांड की सुविधा दी जा रही है, जबकि 500-2000 केवीए तक की मांग के लिए किसी भी प्रकार की Feasibility Clearance की आवश्यकता नहीं है।
राज्य ने 5 जुलाई 2025 को अब तक की उच्चतम 16,670 मेगावाट पीक मांग पूरी की, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.42 प्रतिशत अधिक थी। इस दौरान पीएसपीसीएल ने रोजगार सृजन और वित्तीय सुदृढ़ीकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 2022 से अब तक 8,984 उम्मीदवारों की भर्ती की गई और वित्त वर्ष 2024-25 में ₹2,630 करोड़ का लाभ अर्जित हुआ।
गुरु अमरदास थर्मल प्लांट का अधिग्रहण और पुनरुद्धार भी सफलता पूर्वक हुआ, प्लांट लोड फैक्टर 82 प्रतिशत तक पहुंच गया। ट्रांसमिशन क्षमता 10,400/10,900 मेगावाट हो गई, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड से अधिक बिजली आयात संभव हुआ।
मंत्री ने कर्मचारियों के सुरक्षा, मुआवजा और चिकित्सा लाभ भी बढ़ाए। ड्यूटी में मृत्यु या घायल होने पर नियमित कर्मचारियों को ₹35 लाख तक मुआवजा, आउटसोर्स कर्मचारियों को ₹30 लाख मुआवजा और चिकित्सा अग्रिम ₹10 लाख तक प्रदान की गई।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार बिजली वितरण को अधिक भरोसेमंद, औद्योगिक-अनुकूल और भविष्य-तैयार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे प्रदेश के नागरिक, किसान और उद्योग लाभान्वित होंगे।