जीरकपुर 11 Feb : वीआईपी रोड स्थित आरबीएल बैंक के एटीएम में दिनदहाड़े शातिर ठगों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए एक दिव्यांग व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदलकर उसके खाते से 60 हजार रुपये निकाल लिए। ठगों ने महज 5-5 मिनट के अंतराल में 10-10 हजार रुपये की छह बार निकासी की और मौके से फरार हो गए।
पीड़ित ने बताया कि वह शारीरिक रूप से विकलांग है और उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। इसी कमजोरी का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने मदद का बहाना बनाकर उससे बातचीत शुरू की और चालाकी से उसका एटीएम कार्ड बदल लिया। पीड़ित को ठगी का पता तब चला, जब उसके मोबाइल पर खाते से पैसे निकलने के लगातार मैसेज आने लगे। जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक खाते से 60 हजार रुपये साफ हो चुके थे।
घटना के समय एटीएम पर कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिससे ठगों को वारदात को अंजाम देने में आसानी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीआईपी रोड जैसे व्यस्त इलाके में स्थित एटीएम पर सुरक्षा गार्ड का न होना गंभीर लापरवाही है। इस घटना के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय किसी अनजान व्यक्ति से सहायता न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
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फ्लैग मार्च के 24 घंटे के भीतर ही दिव्यांग से ठगी, सुरक्षा दावों पर उठे सवाल
सोमवार शाम को जीरकपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया था। इस दौरान प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के दावे किए थे।
लेकिन फ्लैग मार्च के महज 24 घंटे के भीतर ही वीआईपी रोड जैसे व्यस्त इलाके में दिनदहाड़े एटीएम ठगी की घटना सामने आना पुलिस और बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर करता है। एटीएम जैसे संवेदनशील स्थान पर न सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी और न ही ठगों पर कोई रोक—यह स्थिति आम लोगों, खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।